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March 29 2026 10:19 am

RBI का बड़ा एक्शन: यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया पर भारी जुर्माना; Pine Labs भी नप गया, जानें आप पर क्या होगा असर

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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकिंग सेक्टर में अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बार फिर हंटर चलाया है। नियमों की अनदेखी और ग्राहकों के हितों से खिलवाड़ करने के मामले में केंद्रीय बैंक ने देश के तीन बड़े सरकारी बैंकों और दिग्गज फिनटेक कंपनी 'पाइन लैब्स' (Pine Labs) पर लाखों रुपये का जुर्माना ठोक दिया है। RBI की इस सख्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि बैंकिंग गाइडलाइंस में ढिलाई किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इन दिग्गजों पर गिरी गाज: देखें जुर्माने की पूरी लिस्ट

आरबीआई ने जांच के बाद नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को देखते हुए अलग-अलग राशि तय की है। इस कार्रवाई में सबसे ज्यादा जुर्माना यूनियन बैंक पर लगा है:

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया: ₹95.40 लाख

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: ₹63.60 लाख

बैंक ऑफ इंडिया: ₹58.50 लाख

पाइन लैब्स (Pine Labs): ₹3.10 लाख

यूनियन बैंक की लापरवाही: ग्राहकों के पैसे लौटाने में सुस्ती

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया पर हुई कार्रवाई की वजह काफी गंभीर है। जांच में पाया गया कि बैंक ने अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन (Fraud Transactions) के मामलों में ग्राहकों के पैसे तय 10 वर्किंग डेज के भीतर वापस नहीं किए। इसके अलावा, बैंक के पास धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए 24 घंटे की सुविधा भी नहीं थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) खातों के डेटा में "मैन्युअल" छेड़छाड़ पाई गई, जिससे लोन वितरण की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

सेंट्रल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया ने कहाँ की चूक?

सेंट्रल बैंक: इस बैंक पर जुर्माना KYC (नो योर कस्टमर) रिकॉर्ड को समय पर अपडेट न करने और एक ही ग्राहक के नाम पर डुप्लीकेट बेसिक बचत खाते (BSBD) खोलने के कारण लगाया गया है।

बैंक ऑफ इंडिया: बैंक ने छोटे किसानों और उद्यमियों से नियमों के विरुद्ध जाकर सर्विस और प्रोसेसिंग चार्ज वसूले। साथ ही, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) मैच्योर होने के बाद भुगतान में देरी के दौरान का ब्याज भी ग्राहकों को नहीं दिया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।

पाइन लैब्स (Pine Labs) पर कार्रवाई की वजह

डिजिटल पेमेंट क्षेत्र की बड़ी खिलाड़ी 'पाइन लैब्स' पर भी नियमों की गाज गिरी है। कंपनी ने बिना "फुल केवाईसी" प्रक्रिया पूरी किए ही ग्राहकों को प्रीपेड वॉलेट जारी कर दिए थे। बिना पहचान सत्यापन के डिजिटल वॉलेट जारी करना मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के जोखिम को बढ़ाता है, जिसे देखते हुए RBI ने यह कदम उठाया।

क्या ग्राहकों का पैसा सुरक्षित है?

यदि आपका खाता इन बैंकों में है, तो आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।

पैसा पूरी तरह सुरक्षित: यह जुर्माना बैंकों के कामकाज के तरीकों (Compliance) पर लगा है, ग्राहकों की जमा राशि पर नहीं। आपके पैसे और ब्याज पर इसका कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।

ग्राहकों को होगा फायदा: RBI की इस सख्ती के बाद अब बैंक आपकी शिकायतों को गंभीरता से लेंगे, फ्रॉड का पैसा जल्दी वापस मिलेगा और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता आएगी।