Raw Egg vs Boiled Egg : आपकी सेहत के लिए कौन सा है असली चैंपियन? जानें चौंकाने वाला सच

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News India Live, Digital Desk: सुबह नाश्ते में या दिन के किसी भी पहर, अंडा खाना दुनिया भर में एक बहुत ही लोकप्रिय और पौष्टिक विकल्प है. कई लोग इसे कच्चा ही पी लेते हैं, तो कई इसे उबालकर, तलकर या आमलेट बनाकर खाते हैं. लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि कच्चा अंडा खाना ज़्यादा फ़ायदेमंद है या उबला हुआ? यह बहस अक्सर लोगों के बीच चलती रहती है कि 'सही' तरीका कौन सा है.

कच्चा या उबला अंडा: आपकी सेहत के लिए कौन सा है 'असली चैंपियन'? जानें सच!

आपमें से कई लोगों ने शायद पहलवानों या फिटनेस प्रेमियों को कच्चा अंडा पीते देखा होगा. यह सोचकर कि शायद इससे उन्हें ज़्यादा ताक़त और प्रोटीन मिलेगा. लेकिन विज्ञान और पोषण के विशेषज्ञ इस बारे में क्या कहते हैं? आइए, इस पर गहराई से नज़र डालते हैं ताकि आप अपनी सेहत के लिए सही चुनाव कर सकें.

उबला अंडा: सेहत का भरोसेमंद साथी

जब अंडे को उबाला जाता है, तो यह प्रोटीन और कई ज़रूरी पोषक तत्वों का एक शानदार स्रोत बन जाता है.

  1. भरपूर प्रोटीन और पोषक तत्व: एक बड़े उबले अंडे में लगभग 6 ग्राम उच्च-गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है. यह विटामिन डी, विटामिन ए, बी2 (राइबोफ्लेविन), बी12 और फोलेट जैसे विटामिन्स  से भरपूर होता है. साथ ही इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, सेलेनियम और कोलिन जैसे महत्वपूर्ण खनिज भी पाए जाते हैं ये सभी तत्व हड्डियों को मज़बूत बनाने, आँखों की रोशनी तेज करने (ल्यूटिन और ज़ियाज़ैंथिन), और दिमाग़ के बेहतर कामकाज के लिए बहुत ज़रूरी हैं.
  2. आसान पाचन और बेहतर अवशोषण: अंडे को पकाने से उसके प्रोटीन का स्ट्रक्चर बदल जाता है, जिससे शरीर के लिए उसे पचाना और अवशोषित करना ज़्यादा आसान हो जाता है. कई अध्ययनों से पता चला है कि उबले अंडे से प्रोटीन लगभग 90% तक अवशोषित हो जाता है, जबकि कच्चे अंडे से यह केवल 50% तक ही होता है.
  3. वज़न घटाने में मददगार: उबले अंडे कम कैलोरी में ज़्यादा प्रोटीन देते हैं, जो आपको लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराते हैं और वज़न घटाने में मदद कर सकते हैं
  4. पूरी तरह से सुरक्षित: अंडे को पकाने से उसमें मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया, जैसे साल्मोनेला, खत्म हो जाते हैं

कच्चे अंडे से जुड़े ख़तरे:

  1. साल्मोनेला का ख़तरा: कच्चे या अधपके अंडे खाने से साल्मोनेला नामक बैक्टीरिया से फूड पॉइजनिंग होने का जोख़िम रहता है. साल्मोनेला संक्रमण से दस्त, बुखार, उल्टी और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
  2. पोषक तत्वों का कम अवशोषण: कच्चे अंडे खाने से प्रोटीन का अवशोषण कम हो सकता है साथ ही, कच्चे अंडे के सफ़ेद हिस्से (एग वाइट) में 'एविडिन' नामक प्रोटीन होता है, जो बायोटिन (विटामिन बी7) को बांध लेता है और शरीर को उसे अवशोषित करने से रोकता है.बायोटिन हमारे मेटाबॉलिज्म के लिए एक महत्वपूर्ण बी विटामिन है. अंडे को पकाने से एविडिन निष्क्रिय हो जाता है और बायोटिन शरीर को मिल पाता है.
  3. कमज़ोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए ख़तरनाक: छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और जिन लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर है, उन्हें कच्चे अंडे बिलकुल नहीं खाने चाहिए क्योंकि उन्हें साल्मोनेला संक्रमण का जोख़िम ज़्यादा होता है.

तो असली चैंपियन कौन?

पोषण विशेषज्ञों और डॉक्टरों के अनुसार, आपकी सेहत के लिए उबला हुआ अंडा ज़्यादा सुरक्षित और फ़ायदेमंद है. यह न सिर्फ़ साल्मोनेला जैसे हानिकारक बैक्टीरिया से बचाता है, बल्कि आपके शरीर को प्रोटीन और अन्य ज़रूरी पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करने में भी मदद करता है.

तो अगली बार जब अंडा खाने का मन करे, तो उसे अच्छी तरह पकाकर खाएँ. यह आपके शरीर को सभी ज़रूरी पोषक तत्व देगा और आपको बीमारियों से भी बचाएगा.