Ramadan 2026 : इफ्तार में खजूर से ही रोजा क्यों खोलते हैं? जानें इसके पीछे का दिलचस्प धार्मिक और वैज्ञानिक सच
News India Live, Digital Desk : इस्लाम में रमजान के दौरान खजूर से रोजा खोलना (इफ्तार करना) एक सुन्नत (पैगंबर मोहम्मद साहब की परंपरा) मानी जाती है। रेगिस्तान का यह फल आज दुनिया भर के मुसलमानों के लिए इफ्तार का अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। आइए समझते हैं कि इफ्तार की थाली में खजूर का 'सुपरफूड' होना क्यों जरूरी है।
धार्मिक महत्व: पैगंबर साहब की सुन्नत
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.) अपना रोजा खजूर या पानी से खोलना पसंद करते थे। हदीस के अनुसार, उन्होंने खजूर को 'बरकत' वाला फल बताया है। यही वजह है कि सदियों से मुसलमान इस परंपरा का पालन करते आ रहे हैं। खजूर को पवित्रता और सादगी का प्रतीक माना जाता है।
वैज्ञानिक कारण: शरीर को मिलता है 'इंस्टेंट बूस्ट'
पूरे दिन भूखे-प्यासे रहने के बाद जब हम इफ्तार करते हैं, तो हमारे शरीर को तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है। विज्ञान खजूर के फायदों को इस तरह समझाता है:
नेचुरल शुगर का भंडार: खजूर में ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज प्रचुर मात्रा में होता है। यह शरीर के गिरते हुए ब्लड शुगर लेवल को तुरंत सामान्य कर देता है।
पाचन में सहायक: खाली पेट भारी खाना खाने से पाचन संबंधी समस्या हो सकती है। खजूर में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को सक्रिय करता है और पेट को भारी भोजन के लिए तैयार करता है।
पोषक तत्वों का खजाना: इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम और विटामिन बी-6 जैसे तत्व होते हैं जो दिन भर की थकान और कमजोरी को दूर करने में मदद करते हैं।
इलेक्ट्रोलाइट संतुलन: लंबे समय तक पानी न पीने से शरीर में खनिज कम हो जाते हैं, खजूर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित करने का काम करता है।
खजूर के अन्य स्वास्थ्य लाभ
दिल की सेहत: खजूर का नियमित सेवन कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है।
खून की कमी: इसमें आयरन भरपूर होता है, जिससे एनीमिया का खतरा कम होता है।
दिमाग की सक्रियता: यह मस्तिष्क को शांत रखने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है।