कौन हैं राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, जिन्हें CJP के आशुतोष रांका ने दी 48 घंटे की चेतावनी और क्या है पूरा विवाद
राजस्थान की राजनीति में मदन दिलावर एक बेहद कद्दावर और आक्रामक नेता के रूप में जाने जाते हैं। वर्तमान में वह भजनलाल शर्मा सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और उनके पास शिक्षा विभाग जैसी अहम जिम्मेदारी है। संघ पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले मदन दिलावर अपने बेबाक बयानों और सख्त प्रशासनिक तेवरों के लिए हमेशा सुर्खियों में रहते हैं। वह कई बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व की भाजपा सरकारों में भी महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभाल चुके हैं। जमीन से जुड़े नेता माने जाने वाले दिलावर अपनी पार्टी में अनुशासन और हिंदुत्व के मुद्दों पर मुखरता से अपनी बात रखने के लिए जाने जाते हैं।
कौन हैं आशुतोष रांका और क्या है CJP?
इस पूरे राजनीतिक और सामाजिक घटनाक्रम के केंद्र में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और इसके सह-संयोजक आशुतोष रांका हैं। आशुतोष रांका वर्तमान में सरकारी स्कूलों की दशा सुधारने के लिए चलाए जा रहे 'स्कूल ठीक करो' अभियान के जरिए खासे चर्चा में हैं। उनकी संस्था लगातार ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में जाकर सरकारी स्कूलों की बदहाल बुनियादी सुविधाओं, जर्जर कमरों और प्रशासनिक लापरवाही का पर्दाफाश करती रही है। हाल ही में अलवर और जयपुर जैसे जिलों में उनके द्वारा किए गए दौरों ने राज्य के शिक्षा विभाग की नींद उड़ा दी है।
विवाद की शुरुआत: स्कूलों के निरीक्षण पर रोक का आदेश
इस पूरे टकराव की पृष्ठभूमि तब तैयार हुई जब राजस्थान शिक्षा विभाग ने एक नया और विवादित सर्कुलर जारी किया। इस आदेश के तहत सरकारी स्कूलों में बिना किसी ठोस कारण या पूर्व अनुमति के बाहरी लोगों, मीडियाकर्मियों और सामाजिक संगठनों के प्रवेश, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पाबंदी लगा दी गई। सरकार का तर्क था कि इससे पढ़ाई में बाधा नहीं आती और सुरक्षा बनी रहती है, जबकि विपक्षी दलों और CJP ने इसे सरकारी स्कूलों की बदहाली और अपनी कमियों को छिपाने का एक बड़ा षड्यंत्र करार दिया।
आशुतोष रांका की खुली चुनौती और 10 स्कूलों का ऑफर
नया आदेश आने के बाद CJP नेता आशुतोष रांका ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर सीधा राजनीतिक हमला बोला। रांका ने सोशल मीडिया के माध्यम से मंत्री को खुली चुनौती दी और कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान बनाए गए कम से कम 10 सबसे शानदार और आदर्श स्कूलों की सूची सार्वजनिक करें। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वह और उनकी पूरी टीम बंगाल से लौटने के बाद उन 10 स्कूलों का जमीनी दौरा करने जरूर जाएगी। रांका ने यह भी साफ कर दिया था कि सरकार चाहे उन्हें पहले ही गिरफ्तार क्यों न कर ले, लेकिन वे स्कूलों की पोल खोलना बंद नहीं करेंगे।
जयपुर के बगरू में हिंसा और 48 घंटे का अल्टीमेटम
यह टकराव तब और ज्यादा खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया जब जयपुर जिले के बगरू के पास रामपुरा कंवरपुरा गांव में एक जर्जर प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण करने गए CJP कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के बीच तीखी झड़प हो गई। आरोप है कि स्कूल भैंसों के तबेले के पास चल रहा था और निरीक्षण के दौरान CJP टीम पर हमला कर दिया गया, जिसमें गाड़ियों के शीशे टूट गए और कार्यकर्ता घायल हो गए। इस घटना के बाद आशुतोष रांका ने आक्रामक रुख अपनाते हुए शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को सीधे तौर पर 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया है। रांका ने मांग की है कि हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और स्कूल निरीक्षण पर लगाई गई पाबंदी का आदेश वापस लिया जाए, अन्यथा पूरे राजस्थान में व्यापक स्तर पर उग्र आंदोलन छेड़ते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग की जाएगी।