राजस्थान में 2 सितंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज: कोटा-जयपुर समेत 5 संभागों में भारी बारिश का नया दौर शुरू

राजस्थान में 2 सितंबर से बदलेगा मौसम का मिजाज: कोटा-जयपुर समेत 5 संभागों में भारी बारिश का नया दौर शुरू

राजस्थान के मौसम को लेकर एक बार फिर बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अधिकांश जिलों में कमजोर पड़े मानसून के बाद अब मौसम विभाग ने राहत भरी खबर दी है। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए नए वेदर सिस्टम और कम दबाव के क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) के असर से मरुधरा में एक बार फिर मानसूनी बादल पूरी तरह सक्रिय होने जा रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में 2 सितंबर से बारिश का एक नया और मजबूत दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। इस बदलाव से लोगों को उमस भरी चिपचिपाहट भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

बंगाल की खाड़ी में बने नए सिस्टम से बदला मौसम का चक्र

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन चुका है। यह सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए मध्य भारत की ओर रुख कर रहा है, जिसके प्रभाव से राजस्थान के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां फिर से जोर पकड़ेंगी। मौसम विभाग का कहना है कि सितंबर के शुरुआती हफ्ते में मानसून की यह सक्रियता राज्य के कई संभागों में झमाझम बारिश लेकर आएगी। खासकर पूर्वी राजस्थान के जिलों में पिछले काफी समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों और आम नागरिकों के लिए यह एक बड़ी खुशखबरी है।

कोटा, जयपुर, भरतपुर समेत पांच संभागों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम केंद्र, जयपुर की ओर से जारी चेतावनी के अनुसार, 2 और 3 सितंबर से भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में अचानक तेजी आएगी। इसके बाद जैसे-जैसे यह नया सिस्टम आगे बढ़ेगा, 4 सितंबर से लेकर 7 सितंबर के बीच कोटा, जयपुर, अजमेर, भरतपुर और उदयपुर संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बौछारें पड़ने की प्रबल संभावना है। विशेष तौर पर कोटा संभाग और उसके आसपास के इलाकों में मानसूनी मेघों की मेहरबानी ज्यादा देखने को मिल सकती है, जिससे कुछेक जगहों पर तेज पानी गिरने से स्थानीय नदी-नालों और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

पश्चिमी राजस्थान में फिलहाल शुष्क रहेगा मौसम का मिजाज

एक तरफ जहां पूर्वी राजस्थान के पांच बड़े संभागों में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान के लोगों को अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, जोधपुर और बीकानेर संभाग के अधिकांश हिस्सों में आगामी दिनों के दौरान मानसून की परिस्थितियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी रहेंगी। इन इलाकों में आसमान मुख्य रूप से साफ रहने तथा तेज धूप के साथ हल्की उमस का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि बीच-बीच में चलने वाली हल्की हवाओं से तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, फिर भी लोग अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

कृषि और तापमान पर क्या पड़ेगा इस नए मानसूनी दौर का असर

अगस्त के महीने में सामान्य से कम बारिश दर्ज किए जाने के बाद सितंबर के पहले सप्ताह में आ रही यह मानसूनी बारिश कृषि क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। जिन इलाकों में फसलें पानी की कमी से जूझ रही थीं, वहां इस नई बारिश से संजीवनी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा तापमान में भी 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। मौसम विभाग ने लोगों और खासकर यात्रा करने वाले पर्यटकों को सलाह दी है कि वे भारी बारिश और वज्रपात की संभावना वाले क्षेत्रों में सतर्कता बरतें तथा मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें।