राजस्थान के चूरू में पंचायत चुनाव की सनक: पिता ने बेटे और बहू को नई गाड़ी से रौंदा
राजनीतिक महत्वाकांक्षा और पद की चाहत में इंसानियत किस हद तक गिर सकती है, इसका एक बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला राजस्थान के चूरू जिले से सामने आया है। चूरू जिले के तारानगर उपखंड क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चंगोई गांव में सरपंच बनने की सनक ने एक हंसते-खेल्ते परिवार को पूरी तरह उजाड़ कर रख दिया। आगामी पंचायत चुनावों में सरपंच का चुनाव लड़ने की जिद पर अड़े एक कलयुगी पिता ने अपने ही इकलौते बेटे और बहू को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी पिता ने किसी और पर नहीं, बल्कि अपने ही बेटे और बहू पर महज तीन दिन पहले ही खरीदी गई अपनी नई गाड़ी चढ़ा दी, जिससे दोनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस सनसनीखेज दोहरे हत्याकांड की घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और हर कोई इस बेरहमी को देखकर स्तब्ध है।
क्या है पूरा मामला और क्यों शुरू हुआ था परिवार के भीतर खूनी विवाद?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चंगोई गांव का रहने वाला करीब 60 वर्षीय रामचंद्र रेप्सवाल आगामी पंचायत चुनाव में सरपंच पद के लिए अपनी किस्मत आजमाना चाहता था और चुनाव लड़ने की पूरी तैयारी कर चुका था। लेकिन उसका 40 वर्षीय बेटा रविंद्र और 35 वर्षीय बहू महिंद्रा इस बात के पूरी तरह खिलाफ थे। परिवार के अन्य सदस्यों और बेटे-बहू का मानना था कि घर के हालात और पारिवारिक कारणों से उन्हें यह चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। इसी बात को लेकर पिछले कुछ दिनों से लगातार घर में कलेश और तनातनी चल रही थी। मंगलवार की रात को यह विवाद इतना अधिक बढ़ गया कि बात हाथापाई और तीखी बहस तक जा पहुंची। पिता रामचंद्र अपनी जिद पर अड़ा हुआ था, जबकि बेटा और बहू उसे लगातार ऐसा करने से रोक रहे थे। गुस्से में आकर उसने जो खौफनाक कदम उठाया, उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
आधी रात को धर्मकांटे के पास हुआ खूनी संघर्ष, नई गाड़ी से कुचलकर दोनों की ले ली जान
मंगलवार की देर रात करीब बारह-एक बजे के आसपास यह विवाद और ज्यादा उग्र हो गया। बताया जा रहा है कि कहासुनी के बाद आरोपी रामचंद्र और उसका बेटा रविंद्र गांव में बने अपने धर्मकांटे पर पहुंचे थे, जहां उनके पीछे-पीछे बहू महिंद्रा भी पहुंच गई ताकि मामला शांत कराया जा सके। कुछ देर वहां तीखी नोकझोक होने के बाद जब बेटा और बहू वापस अपने घर की तरफ लौट रहे थे, तभी आरोपी पिता रामचंद्र गुस्से में आगबबूला होकर अपनी वह बोलेरो गाड़ी ले आया जिसे उसने महज तीन दिन पहले ही बड़े अरमानों से खरीदा था। उसने बेरहमी से गाड़ी को तेज रफ्तार में दौड़ाया और पीछे से आकर अपने ही बेटे रविंद्र और बहू महिंद्रा को जोरदार टक्कर मारते हुए कुचल डाला। इस भीषण टक्कर और कुचलने की वजह से दोनों पति-पत्नी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
11 साल की मासूम बच्ची के सिर से उठा माता-पिता का साया, आरोपी पिता गिरफ्तार और गांव में तनाव
इस दर्दनाक हादसे और हत्या के बाद से मृत दंपति के परिवार में कोहराम मच गया है। मृतक रविंद्र गांव में ही अपना ई-मित्र केंद्र चलाकर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था, जबकि उसकी पत्नी महिंद्रा एक ग्रहणी थीं। इस हंसते-खेल्ते परिवार में उनकी 11 साल की एक मासूम बेटी भी है, जो अब इस घटना के बाद पूरी तरह अनाथ हो चुकी है। माता-पिता दोनों का साया एक झटके में उठ जाने के बाद से बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल है और आरोपी की पत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्य इस सदमे से बेसुध हैं। घटना की सूचना मिलते ही तारानगर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के आरोपी पिता रामचंद्र को हिरासत में ले लिया है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है। पंचायत चुनाव से ठीक पहले हुई इस खौफनाक वारदात के बाद से चंगोई गांव और आसपास के इलाकों में भारी तनाव और डर का माहौल बना हुआ है।