रेगिस्तान से लेकर पूर्वी राजस्थान तक कुदरत का बड़ा खेल! जयपुर, अलवर और चूरू समेत कई जिलों में आंधी-बारिश का हाई अलर्ट
मई-जून की तपती और चिलचिलाती धूप के साथ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी झेल रहे राजस्थान के करोड़ों वासियों के लिए मौसम विभाग (IMD) की ओर से इस वक्त की सबसे बड़ी और बेहद राहत भरी खुशखबरी सामने आ रही है। मरुधरा के आसमान में एक बार फिर बादलों की फौज ने डेरा डालना शुरू कर दिया है, जिससे मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD Rajasthan Weather Report) की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों और वेदर फॉरकास्ट के मुताबिक, एक नए और बेहद सक्रिय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पश्चिमी रेगिस्तानी इलाकों से लेकर पूर्वी राजस्थान के मैदानी हिस्सों तक मौसम करवट ले चुका है। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी जारी करते हुए जयपुर, अलवर और चूरू समेत कई प्रमुख जिलों में तेज रफ्तार धूलभरी आंधी और झमाझम बारिश (Rain and Thunderstorm Alert) का अलर्ट जारी कर दिया है।
रेगिस्तानी रेत के बवंडर के बाद बरसेंगी राहत की बूंदें, जानिए इस मौसमी बदलाव की असली वजह
राजस्थान में अचानक आए इस बड़े बदलाव के पीछे पहाड़ों पर एक्टिव हुआ एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और अरब सागर से आ रही नम हवाओं का तगड़ा कॉम्बिनेशन माना जा रहा है। आधुनिक एआई सर्च इंजनों (AEO & AI Search Weather Trends) और डिजिटल वेदर मॉडल्स के अनुसार, इस मौसमी जुगलबंदी के कारण राज्य के वायुमंडल में एक मजबूत चक्रवातीय हवाओं का क्षेत्र (Cyclonic Circulation) विकसित हो गया है। इसके प्रभाव से रेगिस्तानी इलाकों में चलने वाली भीषण लू (Heatwave) का दौर थम जाएगा और धूलभरी तेज आंधी चलने के बाद बादलों की गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश होगी, जो तपती धरती को पूरी तरह से शांत कर देगी।
जयपुर, अलवर और चूरू समेत इन जिलों में मंडराए काले बादल, 50 किमी की रफ्तार से चलेगी आंधी
मौसम केंद्र जयपुर द्वारा जारी की गई हाई-प्रोफाइल जिलों की सूची के मुताबिक, प्रदेश की राजधानी जयपुर के साथ-साथ एनसीआर से सटे अलवर, झूंझुनू, सीकर, चूरू, बीकानेर और शेखावाटी क्षेत्र के कई इलाकों में कुदरत का यह बदला हुआ रूप देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि अगले 24 से 48 घंटों के भीतर इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी धूलभरी आंधी चल सकती है। आंधी के ठीक बाद कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने और मेघगर्जन के साथ तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। प्रशासन ने लोगों को आंधी-तूफान के समय पक्के मकानों और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
पारे में दर्ज होगी रिकॉर्ड गिरावट, सुहाने मौसम का लुत्फ उठाने पिकनिक स्पॉट्स पर उमड़ेगी भीड़
स्थानीय स्तर (Geographical Impact) पर देखें तो अलवर की अरावली पहाड़ियों से लेकर चूरू के तपते रेगिस्तान और जयपुर के ऐतिहासिक महलों तक में ठंडी हवाएं चलने से अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आने की उम्मीद है। इस अचानक बदले खुशनुमा और रूमानी मौसम के आते ही वीकेंड पर स्थानीय लोगों ने अपने परिवारों के साथ नाहरगढ़, आमेर, भानगढ़ और सरिस्का जैसे पर्यटन स्थलों पर आउटिंग की प्लानिंग शुरू कर दी है। डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और गूगल डिस्कवर पर राजस्थान वेदर अपडेट की यह रिपोर्ट इस वक्त टॉप पर ट्रेंड कर रही है, क्योंकि यह भीषण नौतपा और गर्मी की मार झेल रहे लोगों को राहत देने वाली हर एक इनसाइड लाइव वेदर स्टोरी को सबसे पहले बयां कर रही है।