जयपुर: न्यू सांगानेर रोड बुलडोजर एक्शन पर 14 अक्टूबर को बड़ा फैसला

जयपुर: न्यू सांगानेर रोड बुलडोजर एक्शन पर 14 अक्टूबर को बड़ा फैसला

गुलाबी नगरी जयपुर के सबसे व्यस्त और व्यावसायिक इलाकों में शुमार न्यू सांगानेर रोड पर जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) के बुलडोजर एक्शन और सड़क चौड़ीकरण के बहुचर्चित मामले में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेप और सख्त निर्देशों के बाद जेडीए की ओर से की जाने वाली तोड़फोड़ और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को आगामी 14 अक्टूबर तक के लिए पूरी तरह स्थगित कर दिया गया है। इस अंतरिम राहत के मिलने से उन सैकड़ों दुकानदारों, मकान मालिकों और व्यापारियों ने फिलहाल बड़ी राहत की सांस ली है, जिनके सिर पर अपनी रोजी-रोटी और आशियाने के उजड़ने का संकट मंडरा रहा था। हालांकि, आगामी 14 अक्टूबर को अदालत में होने वाली अगली सुनवाई और आने वाले फैसले पर पूरे इलाके के हजारों लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं कि इस बार उनकी दिवाली खुशियों के दीप जलाएगी या फिर मायूसी के आंसुओं के बीच गुजरेगी।

क्या है न्यू सांगानेर रोड चौड़ीकरण विवाद और क्यों गरमाया हुआ है पूरा मामला?

जयपुर के गुर्जर की थड़ी से लेकर न्यू सांगानेर रोड तक सड़क को 100 फीट चौड़ा करने के लिए जेडीए द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अदालत के आदेशों की पालना के नाम पर प्रशासन ने सड़क सीमा में आने वाले लगभग 210 से अधिक अवैध निर्माणों, दुकानों के बाहर बनी सीढ़ियों, रैंप, बाउंड्री वॉल और टीनशेड को चिन्हित किया था। कार्रवाई के शुरुआती चरणों में कई जगहों पर जेडीए का पीला पंजा चला भी, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और कोहराम मच गया था। त्योहारी सीजन ठीक सिर पर होने के कारण व्यापारियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था क्योंकि उनका कहना था कि यदि इस फेस्टिव सीजन में उनकी दुकानें टूट गईं या सील हो गईं, तो वे सड़क पर आ जाएंगे और उनके सामने भुखमरी की नौबत आ जाएगी।

व्यापारियों और स्थानीय लोगों का जोरदार विरोध, महिला के आत्मदाह के प्रयास से मचा था हड़कंप

कार्रवाई के दौरान न्यू सांगानेर रोड पर उस वक्त बेहद डरावना और तनावपूर्ण माहौल बन गया जब अपने खून-पसीने की कमाई से बनाई गई दुकानों और आशियानों को टूटे हुए देख लोग सड़क पर उतर आए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान एक मार्मिक और दहला देने वाली घटना भी सामने आई जब एक महिला ने अपना घर उजड़ता देख गले में फंदा डालने की कोशिश की, जिससे वहां मौजूद प्रशासन और पुलिस के भी होश उड़ गए। स्थानीय व्यापार मंडलों, कांग्रेस और भाजपा के स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर लगातार प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला गया। लोगों का मुख्य तर्क था कि जेडीए द्वारा की जाने वाली मार्किंग में कई जगहों पर मनमानी की गई है और बिना उचित पुनर्वास या पर्याप्त समय दिए सीधे बुलडोजर चलाना पूरी तरह से अन्यायपूर्ण है।

14 अक्टूबर की कोर्ट की सुनवाई तय करेगी न्यू सांगानेर रोड के व्यापारियों का भविष्य

व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के बढ़ते आक्रोश तथा अदालत में दाखिल आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए हाई कोर्ट ने फिलहाल इस कार्रवाई पर 14 अक्टूबर तक रोक लगा दी है। जेडीए के अधिकारियों का कहना है कि वे अदालत के समक्ष अपनी अनुपालन रिपोर्ट और सर्वे के आंकड़े पेश कर रहे हैं, जिसके बाद न्यायिक निर्देशानुसार ही अगली कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। दूसरी तरफ, प्रभावित व्यापारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनके हितों की रक्षा नहीं की गई और मनमाने तरीके से दुकानें तोड़ी गईं, तो वे एक बड़े जन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इस बार दीपावली के ठीक पहले उपजे इस संकट ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी है और हर कोई 14 अक्टूबर को आने वाले फैसले के इंतजार में टकटकी लगाए बैठा है।