कहीं मूसलाधार आफत तो कहीं धूलभरी आंधी, IMD ने जारी किया 20 से ज्यादा जिलों में हाई अलर्ट

कहीं मूसलाधार आफत तो कहीं धूलभरी आंधी, IMD ने जारी किया 20 से ज्यादा जिलों में हाई अलर्ट

मौसम विभाग (IMD) ने राजस्थान के लिए एक बहुत बड़ा और बेहद महत्वपूर्ण वेदर अपडेट जारी किया है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के चलते प्रदेश के वायुमंडल में एक मजबूत सिस्टम एक्टिव हो गया है। इसके प्रभाव से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो बेहद चरम रूप देखने को मिल रहे हैं। एक तरफ जहां कई जिलों में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ इलाकों में तेज रफ्तार आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है।

इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश: IMD का ऑरेंज अलर्ट

जयपुर मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह मेहरबान रहने वाला है। कोटा, बारां, झालावाड़, उदयपुर, बांसवाड़ा, और डूंगरपुर जैसे जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मूसलाधार बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है। इन क्षेत्रों के लिए विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए स्थानीय प्रशासन और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश के चलते नदी-नालों में उफान आने और निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।

पश्चिमी राजस्थान में धूलभरी आंधी और आकाशीय बिजली का खतरा

पूर्वी हिस्से के विपरीत, पश्चिमी राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में मौसम का मिजाज थोड़ा अलग रहने वाला है। जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर के कुछ इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलने की आशंका है। इसके साथ ही इन रेतीले इलाकों में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ छिटपुट बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम केंद्र ने विशेष रूप से आकाशीय बिजली (Lightning Strike) को लेकर चेतावनी जारी की है और लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों के भीतर ही रहें।

तापमान में आएगी भारी गिरावट, उमस से मिलेगी राहत

लगातार होने वाली इस मानसूनी एक्टिविटी के कारण पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण उमस और गर्मी से राजस्थान वासियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की जा सकती है। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहावना हो जाएगा, जिससे आम जनजीवन को भीषण गर्मी के टॉर्चर से पूरी तरह निजात मिल सकेगी।

किसानों और आम जनता के लिए प्रशासन की जरूरी गाइडलाइन

मौसम में अचानक आए इस बड़े बदलाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। जलभराव वाले क्षेत्रों में नावों और रेस्क्यू टीमों को तैनात रहने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें ताकि वे भीगने से बच सकें। इसके अलावा आंधी-तूफान के समय बिजली के खंभों, ऊंचे पेड़ों और कच्चे ढांचों के नीचे शरण न लेने की सख्त हिदायत दी गई है।

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