झुंझुनूं और राजस्थान के रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका

झुंझुनूं और राजस्थान के रेल यात्रियों के लिए बड़ा झटका

राजस्थान के शेखावाटी अंचल विशेषकर झुंझुनूं, सीकर और आसपास के जिलों से दिल्ली की यात्रा करने वाले रेल यात्रियों के लिए इस वक्त की सबसे बड़ी और परेशान करने वाली खबर सामने आ रही है। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज यानी 10 अक्टूबर को प्रस्तावित 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के बड़े राजनीतिक प्रदर्शन और उत्तर पश्चिम रेलवे के विभिन्न मंडलों में चल रहे जरूरी परिचालनिक कार्यों (Operational Reasons) के चलते रेलवे प्रशासन ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। रेलवे की ओर से लगातार जारी किए गए ताजा अपडेट्स के अनुसार, राजस्थान से होकर गुजरने वाली और दिल्ली मार्ग को जोड़ने वाली कुल 35 महत्वपूर्ण रेल सेवाओं को अलग-अलग तारीखों के लिए पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। इस अचानक हुए रेल यातायात के आंशिक ठप होने से उन हजारों यात्रियों की सांसें अटक गई हैं जिन्होंने आगामी त्योहारों और पारिवारिक कार्यों के चलते दिल्ली, नई दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, रेवाड़ी, हिसार या श्रीगंगानगर के लिए अपने रिजर्वेशन करा रखे थे।

पहले 13 और अब 22 और ट्रेनें रद्द: कुल 35 ट्रेनों के पहिए थमने से मची अफरा-तफरी

रेलवे सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुरुआत में उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) द्वारा तकनीकी और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 13 ट्रेनों को रद्द किए जाने की सूचना साझा की गई थी, लेकिन स्थिति की नजाकत को देखते हुए इस फेरबदल में और विस्तार किया गया। शुक्रवार शाम को एक और नया आदेश जारी करते हुए 22 और ट्रेनों को परिचालनिक और सुरक्षा कारणों का हवाला देकर रद्द किए जाने की पुष्टि कर दी गई। इस प्रकार अब कुल मिलाकर 35 रेल सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इन ट्रेनों के अचानक रद्द होने से झुंझुनूं, चूरू, सीकर और जयपुर के यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उत्तर भारत की मुख्य लाइनों पर ट्रेनों का यह रद्द होना यात्रियों के पूरे यात्रा कार्यक्रम को पूरी तरह से तहस-नहस कर चुका है।

9, 10 और 11 अक्टूबर को सफर करने वाले यात्रियों की बढ़ी मुश्किलें, स्टेशनों पर मायूसी

सबसे ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को उठानी पड़ रही है जिन्होंने 9, 10 या 11 अक्टूबर के दौरान दिल्ली या उससे जुड़े अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए अपने टिकट बुक करवा रखे थे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर रेलवे बोर्ड और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियात के तौर पर ट्रेनों के संचालन को नियंत्रित करने का निर्णय लिया है। जो यात्री अपने परिवार के साथ स्टेशन पहुंचे या टिकट काउंटर पर पूछताछ की, उन्हें ट्रेनें रद्द होने की सूचना मिलते ही भारी निराशा हाथ लगी। कई यात्री बीच रास्ते में ही फंस गए हैं या उन्हें वैकल्पिक साधनों के जरिए अपनी मंजिल की तरफ रुख करना पड़ रहा है, जिससे उनकी जेब पर भी भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

रेलवे प्रशासन की यात्रियों को सख्त सलाह: घर से निकलने से पहले जरूर जांच लें ट्रेन का स्टेटस

इस पूरे घटनाक्रम के बीच उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना अपनी ट्रेन का ताजा स्टेटस जांचे रेलवे स्टेशन के लिए बिल्कुल रवाना न हों। यात्री रेलवे के आधिकारिक एनटीईएस (NTES) ऐप, 139 नंबर पर एसएमएस सेवा या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए अपनी ट्रेन का नंबर डालकर उसकी वर्तमान स्थिति और कैंसिलेशन की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। जिन यात्रियों की ट्रेनें रद्द हो चुकी हैं, वे रेलवे के नियमों के अनुसार अपने टिकट का पूरा रिफंड (Full Refund) ऑनलाइन या काउंटर से प्राप्त कर सकते हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा और परिचालन व्यवस्था सामान्य होते ही यातायात को जल्द से जल्द पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा, तब तक यात्रियों को संयम बरतने की सलाह दी गई है।