Rajasthan Weather: 3 से 7 अप्रैल तक आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का दौर, दो बैक-टू-बैक पश्चिमी विक्षोभ करेंगे बेहाल
News India Live, Digital Desk:राजस्थान में चिलचिलाती धूप और बढ़ते पारे के बीच मौसम विभाग (IMD) ने एक बड़ी चेतावनी जारी की है। प्रदेश में एक साथ दो शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) सक्रिय हो रहे हैं, जिनका असर 3 अप्रैल से 7 अप्रैल 2026 के बीच पूरे राज्य में देखने को मिलेगा। इस दौरान मरुधरा के कई जिलों में धूलभरी आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।
3 और 4 अप्रैल: 'भयंकर आंधी' का ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, पहले विक्षोभ का सबसे घातक असर शुक्रवार और शनिवार को दिखाई देगा।
प्रभावित क्षेत्र: जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग।
हवा की रफ्तार: इन दो दिनों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
ओलावृष्टि की चेतावनी: जयपुर और भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आएगी।
5 और 6 अप्रैल: पूर्वी राजस्थान में सक्रियता
रविवार को पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर, बीकानेर) में मौसम कुछ हद तक शुष्क हो सकता है, लेकिन पूर्वी हिस्सों में राहत नहीं मिलेगी।
जयपुर, कोटा, उदयपुर, अजमेर और भरतपुर संभागों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश का दौर जारी रहेगा।
6 अप्रैल को एक बार फिर पूरे राज्य के छिटपुट इलाकों में बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
7 अप्रैल: दूसरे विक्षोभ की दस्तक
अभी राहत मिलनी शुरू ही होगी कि 7 अप्रैल को एक और नया पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान की सीमाओं में प्रवेश करेगा। इसके प्रभाव से राज्य के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में फिर से अंधड़ और बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है, जो अगले 48 घंटों तक मौसम को अस्थिर रखेगा।
किसानों और आम जनता के लिए विशेष गाइडलाइन
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन और कृषि विभाग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं:
फसल सुरक्षा: किसान भाई खलिहानों में रखी कटी हुई फसल और अनाज को तिरपाल या सुरक्षित स्थान पर ढककर रखें। तेज हवाएं और भीगने से फसल की गुणवत्ता खराब हो सकती है।
वज्रपात से बचाव: मेघगर्जन के समय पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। आंधी के दौरान कच्चे मकानों या टीनशेड से दूर रहें।
तापमान में उतार-चढ़ाव: इस बारिश से गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन उमस और तापमान में अचानक गिरावट से स्वास्थ्य खराब होने का जोखिम बढ़ सकता है।