BREAKING:
April 02 2026 09:54 pm

Rajasthan Teacher Scam: एक स्पेलिंग मिस्टेक ने खोला करोड़ों का राज फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट से शिक्षक बने 19 गिरफ्तार

Post

News India Live, Digital Desk : राजस्थान पुलिस की एसओजी टीम ने गुरुवार, 12 मार्च 2026 को राज्य के 14 जिलों और हरियाणा में एक साथ छापेमारी कर इस बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया। पकड़े गए आरोपियों में वे अभ्यर्थी शामिल हैं जिन्होंने 'उत्कृष्ट खिलाड़ी कोटे' का गलत इस्तेमाल कर सरकारी नौकरी हासिल की थी।

एक छोटी सी गलती और बड़ा खुलासा (The 'Typo' Moment)

एसओजी की जांच के दौरान विभाग को ताइक्वांडो फेडरेशन ऑफ इंडिया के नाम से एक ईमेल मिला था, जिसमें अभ्यर्थियों के खेल प्रमाण पत्रों को 'सही' बताया गया था। लेकिन अधिकारियों की पैनी नजर एक स्पेलिंग मिस्टेक पर पड़ गई:

गलती: ईमेल एड्रेस में 'Secretary' की जगह 'Secreatary' (अतिरिक्त 'a') लिखा हुआ था।

संदेह: इस एक गलत अक्षर ने जांच की दिशा बदल दी और जब तकनीकी टीम ने जांच की, तो पता चला कि यह आधिकारिक ईमेल नहीं बल्कि एक फर्जी आईडी थी।

दुबई से संचालित हो रहा था नेटवर्क (The Dubai Connection)

एसओजी की तकनीकी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:

फर्जी ई-मेल आईडी: मुख्य आरोपी विमलेन्दु कुमार झा ने ताइक्वांडो फेडरेशन जैसी दिखने वाली एक फर्जी जीमेल आईडी बनाई थी।

लोकेशन: यह फर्जी ईमेल आईडी दुबई से बनाई गई थी और वहीं से इसका इस्तेमाल कर शिक्षा विभाग को फर्जी सत्यापन (Verification) रिपोर्ट भेजी जा रही थी।

मुख्य मोहरा: विमलेन्दु कुमार झा और उसके सहयोगी रवि शर्मा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उनके पास से वह सिम कार्ड भी बरामद हुआ है जिससे यह फर्जी खाता बनाया गया था।

इन जिलों में हुई छापेमारी (Districts Affected)

एसओजी ने फलौदी, जोधपुर, जालौर, बीकानेर, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, जयपुर ग्रामीण, सीकर, झुंझुनूं और नागौर सहित 14 जिलों में दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा है। गिरफ्तार किए गए लोगों में योगेंद्र कुमार (पीटीआई), बबीता जाखड़, ज्योतिरादित्य, सीमा और कविता भिंचर जैसे कई नाम शामिल हैं।

लाखों में बिके सर्टिफिकेट!

जांच में सामने आया है कि दलालों ने अभ्यर्थियों से खेल कोटे की नौकरी दिलवाने के बदले मोटी रकम (लाखों रुपये) वसूली थी। दलाल अभ्यर्थियों को फर्जी नेशनल और स्टेट लेवल सर्टिफिकेट उपलब्ध कराते थे और फिर खुद ही फेडरेशन के नाम पर विभाग को फर्जी क्लीन चिट मेल कर देते थे।