Rajasthan SOG Action : राजस्थान में फर्जी डॉक्टरों पर सर्जिकल स्ट्राइक फर्जी FMGE सर्टिफिकेट के खेल में एक और डॉक्टर गिरफ्तार
News India Live, Digital Desk : राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने चिकित्सा क्षेत्र में चल रहे एक बड़े घोटाले का भंडाफोड़ करते हुए एक और फर्जी डॉक्टर को दबोचा है। आरोपी ने विदेश से मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद भारत में प्रैक्टिस के लिए अनिवार्य FMGE परीक्षा पास किए बिना ही फर्जी तरीके से पास होने का सर्टिफिकेट हासिल किया और राजस्थान मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन करा लिया।
1. क्या है FMGE और यह घोटाला?
भारत के बाहर (जैसे रूस, चीन, यूक्रेन) से MBBS करने वाले छात्रों को भारत में प्रैक्टिस करने के लिए नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBE) द्वारा आयोजित Foreign Medical Graduate Examination (FMGE) पास करना अनिवार्य होता है।
खेल क्या हुआ: कई छात्र यह कठिन परीक्षा पास नहीं कर पाते। ऐसे में वे दलालों के संपर्क में आते हैं जो NBE के डेटाबेस या रिजल्ट शीट में छेड़छाड़ कर उन्हें 'Pass' का फर्जी सर्टिफिकेट दिला देते हैं।
2. ताजा गिरफ्तारी और SOG की जांच
SOG ने हालिया कार्रवाई में जिस डॉक्टर को गिरफ्तार किया है, उसने इस फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए न केवल रजिस्ट्रेशन कराया बल्कि सरकारी या प्रतिष्ठित निजी अस्पतालों में सेवाएं देने की भी तैयारी में था।
जांच का दायरा: SOG ने राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के रिकॉर्ड खंगाले हैं। शक है कि पिछले कुछ वर्षों में दर्जनों डॉक्टरों ने इसी तरह फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया है।
RMC की भूमिका: SOG इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या मेडिकल काउंसिल के कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से इन फर्जी दस्तावेजों का वेरिफिकेशन (सत्यापन) बिना जांचे-परखे कर दिया गया।
3. 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत बड़ी कार्रवाई
राजस्थान में पिछले कुछ महीनों से फर्जी डिग्री और डमी कैंडिडेट के खिलाफ बड़ा अभियान चल रहा है।
इससे पहले SI भर्ती परीक्षा और JEN परीक्षा में भी SOG ने बड़े खुलासे किए थे।
अब स्वास्थ्य विभाग में इस तरह की सेंधमारी ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आम जनता की जान से जुड़ा मामला है।
4. आगे क्या होगा?
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर उस गिरोह का पता लगाया जा रहा है जो इन सर्टिफिकेट्स की छपाई और डेटा एंट्री में शामिल है।
SOG जल्द ही उन सभी डॉक्टरों की सूची सार्वजनिक कर सकती है जिनके सर्टिफिकेट संदिग्ध पाए गए हैं।