Rajasthan SOG Action : सरकारी नौकरी के लिए 5 लाख की डील डमी बनकर परीक्षा देने वाले 3 MBBS छात्र और 2 शिक्षक गिरफ्तार

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान में पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने एक और बड़ा धमाका किया है। एसओजी ने एक राष्ट्रव्यापी कार्रवाई करते हुए 2022 की शिक्षक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट (Proxy Candidates) बनकर बैठने वाले 5 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें तीन भविष्य के डॉक्टर (MBBS छात्र) और दो वर्तमान सरकारी शिक्षक शामिल हैं।

देशभर के 6 ठिकानों पर 'SOG' की छापेमारी

SOG के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) विशाल बंसल के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने कोलकाता, अंडमान-निकोबार, जयपुर, कोटा और जालोर समेत 6 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की।

पकड़े गए 'मुन्ना भाई': गिरफ्तार आरोपियों में महेश कुमार बिश्नोई और महिपाल बिश्नोई (कोटा के MBBS छात्र), साही राम (पोर्ट ब्लेयर का MBBS छात्र), और दो सरकारी शिक्षक हनुमाना राम व निवास कुराडा शामिल हैं।

इनाम और पहचान: इन सभी पांचों आरोपियों पर ₹10,000 का इनाम घोषित था। कोलकाता से एक और मेडिकल छात्र को हिरासत में लिया गया है।

5 लाख में बिक रहा था युवाओं का भविष्य

जांच में सामने आया है कि इन डमी कैंडिडेट्स ने मूल अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा में बैठने के लिए 3 से 5 लाख रुपये तक की डील की थी।

हाई-टेक जांच: SOG ने इस जालसाजी को पकड़ने के लिए एक विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया, जिसने राज्य के वन-टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) डेटाबेस के साथ अभ्यर्थियों की तस्वीरों का डिजिटल मिलान किया।

सौदा: आरोपी शिक्षकों और मेडिकल छात्रों ने पैसों के लालच में उन छात्रों की जगह पेपर दिया जिन्होंने कभी परीक्षा केंद्र में कदम तक नहीं रखा, लेकिन फर्जी तरीके से चयन पा लिया।

अब तक की कार्रवाई: इस मामले में अब तक 26 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें 12 मूल अभ्यर्थी, 9 डमी और 5 बिचौलिए शामिल हैं।

कौन हैं ये आरोपी?

महेश और महिपाल: कोटा के एक मेडिकल कॉलेज में चौथे वर्ष के MBBS छात्र।

साही राम: अंडमान निकोबार के पोर्ट ब्लेयर में MBBS की पढ़ाई कर रहा छात्र।

हनुमाना और निवास: सरकारी स्कूलों में तैनात शिक्षक जो खुद डमी बनकर परीक्षा देने पहुंचे।