Rajasthan Politics : दौसा में बंदूकतंत्र के साये में मंत्री का स्वागत, मंच पर बैठे रहे किरोड़ी लाल मीणा, नीचे जमकर चली गोलियां
News India Live, Digital Desk: राजस्थान के दौसा जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदेश के कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के एक स्वागत समारोह में सरेआम फायरिंग का मामला प्रकाश में आया है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब मंच पर मंत्री का अभिनंदन किया जा रहा था, ठीक उसी समय मंच के नीचे उनके समर्थक और उत्साही कार्यकर्ता एक के बाद एक कई हवाई फायर कर रहे थे। 'गोलियों की गूंज' के बीच हुए इस स्वागत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
हर्ष फायरिंग से दहला समारोह: सुरक्षा घेरे पर सवाल
जानकारी के अनुसार, यह घटना दौसा के नांगल राजावतान क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां एक सामाजिक कार्यक्रम में मंत्री किरोड़ी लाल मीणा मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे थे। जैसे ही मंत्री मंच पर विराजे, उनके स्वागत में नीचे खड़े समर्थकों ने अपनी बंदूकों और पिस्तौलों से दनादन फायरिंग शुरू कर दी। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारी भी आसपास मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी इन हथियारबंद समर्थकों को रोकने की जहमत नहीं उठाई।
वायरल वीडियो ने बढ़ाई सरकार की फजीहत
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 30 सेकंड के इस वीडियो में कम से कम 5 से 6 राउंड हवाई फायरिंग होते हुए सुनी और देखी जा सकती है। मंच पर बैठे मंत्री किरोड़ी लाल मीणा इस पूरे घटनाक्रम के दौरान शांत नजर आए, लेकिन इस 'शक्ति प्रदर्शन' ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का बड़ा मौका दे दिया है। सोशल मीडिया यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि क्या राजस्थान में रसूखदारों के कार्यक्रमों में 'हर्ष फायरिंग' पर प्रतिबंध के नियम लागू नहीं होते?
विपक्ष का हमला: "क्या यह है आपणी सरकार का सुशासन?"
वीडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने भजनलाल सरकार को आड़े हाथों लिया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक तरफ सरकार अपराध मुक्त राजस्थान का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी में सरेआम गोलियां चलना यह दर्शाता है कि अपराधियों और रसूखदारों में कानून का कोई खौफ नहीं बचा है। मांग की जा रही है कि वीडियो के आधार पर फायरिंग करने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनके हथियारों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं।
पुलिस की सफाई: "जांच के बाद होगी कार्रवाई"
इस मामले में दौसा पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो उनके संज्ञान में आया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर स्थानीय थाना पुलिस वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हर्ष फायरिंग कानूनन अपराध है और चाहे कोई भी हो, यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल, पुलिस उन लोगों की पहचान करने में जुटी है जो वीडियो में हथियार लहराते और गोलियां चलाते दिख रहे हैं।