झारखंड में कुदरत का डबल अटैक रांची-जमशेदपुर समेत कई जिलों में आंधी-ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट
News India Live, Digital Desk: झारखंड में चैत्र के महीने में मौसम ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। राजधानी रांची समेत राज्य के बड़े हिस्से में आसमान से 'आफत' बरसने की तैयारी है। मौसम विभाग (IMD) ने अगले 48 घंटों के लिए राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी, तेज बारिश और वज्रपात के साथ ओलावृष्टि का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और ओडिशा के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवातीय परिसंचरण) की वजह से झारखंड के वायुमंडल में भारी नमी आ गई है, जिससे राज्य के मौसम में यह बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
इन 10 जिलों में सबसे ज्यादा खतरा, वज्रपात की चेतावनी
मौसम केंद्र के मुताबिक, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, गुमला, सिमडेगा, कोडरमा और चाईबासा जैसे जिलों में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 'थंडरस्क्वाल' (तेज आंधी) चलने की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इस दौरान बिजली गिरने (वज्रपात) की प्रबल आशंका है, जिससे जनहानि हो सकती है। पिछले 24 घंटों में रामगढ़ और रांची के कुछ इलाकों में हुई बारिश से तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अप्रैल की गर्मी अचानक गायब हो गई है।
किसानों की मेहनत पर फिर सकता है पानी
अचानक आई इस आंधी और ओलावृष्टि ने झारखंड के किसानों की नींद उड़ा दी है। खेतों में कटी रखी फसलें और खलिहानों में पड़ा अनाज भीगने का डर सता रहा है। विशेष रूप से आम और लीची के बागवानों के लिए यह मौसम किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है, क्योंकि ओले गिरने से मंजर और छोटे फलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने किसानों को सलाह दी है कि वे ऊंचे पेड़ों और बिजली के तारों से दूर रहें और अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
9 अप्रैल तक जारी रहेगा मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम 9 अप्रैल तक सक्रिय रहने की संभावना है। इसके बाद 10 अप्रैल से आसमान साफ होने और धूप निकलने के आसार हैं, जिससे तापमान में एक बार फिर 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल, तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने की खबरें भी आ रही हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित ठिकानों पर ही रहें।