Rajasthan Politics : ये जिंदा हैं, इसलिए जिंदाबाद हैं. - वसुंधरा राजे के इस एक बयान ने राजस्थान की सियासत में पैदा की हलचल

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News India Live, Digital Desk:  Rajasthan Politics : राजस्थान की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का अंदाज ही निराला है। वह कब, क्या और कैसे कह जाएं कि उसके गहरे राजनीतिक मायने निकाले जाने लगें, यह कोई नहीं जानता। ऐसा ही एक नजारा हाल ही में जोधपुर में देखने को मिला, जहां उनके एक छोटे से वाक्य ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के अंदर चल रही सियासत को एक नई दिशा दे दी है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, वसुंधरा राजे जोधपुर के शेरगढ़ में पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़ के पिता की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होने पहुंची थीं। जब वह मंच पर मौजूद थीं, तभी वहां मौजूद समर्थकों ने जोर-जोर से 'बाबू सिंह जिंदाबाद' के नारे लगाने शुरू कर दिए। आमतौर पर ऐसे मौकों पर नेता या तो चुप रहते हैं या भीड़ को शांत कराते हैं।

लेकिन वसुंधरा राजे ने माइक पकड़ा और अपने चिर-परिचित अंदाज में मुस्कुराते हुए कहा, "बाबू सिंह जी के जिंदाबाद के नारे मत लगाओ... ये तो जिंदा हैं, इसलिए जिंदाबाद हैं। जो चला जाता है, उसके लिए लगते हैं ये नारे।"

इस बयान के क्या हैं राजनीतिक मायने?

पहली नजर में यह एक सामान्य सी बात लग सकती है, लेकिन राजस्थान के सियासी गलियारों में इसके कई गहरे अर्थ निकाले जा रहे हैं।

  • बाबू सिंह को मिला समर्थन: बाबू सिंह राठौड़ को वसुंधरा राजे का करीबी माना जाता है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद से वह थोड़े अलग-थलग चल रहे थे। वसुंधरा राजे ने सार्वजनिक मंच से उनका जिक्र कर यह संदेश दिया कि वह आज भी उनके साथ खड़ी हैं।
  • शक्ति प्रदर्शन का संदेश: राजे का यह बयान सिर्फ बाबू सिंह के लिए नहीं, बल्कि उनके पूरे खेमे और पार्टी के अंदर बैठे उनके विरोधियों के लिए भी एक संदेश था। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए यह जता दिया कि राजनीति में उन्हें और उनके समर्थकों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
  • 'जिंदा हैं' का इशारा: राजनीतिक विश्लेषक 'ये तो जिंदा हैं' वाली लाइन में भी एक गहरा तंज देख रहे हैं। इसका एक मतलब यह भी निकाला जा रहा है कि राजनीति में किसी को खत्म हुआ नहीं समझना चाहिए, खासकर जब बात वसुंधरा राजे और उनके समर्थकों की हो।

राजस्थान में भजनलाल शर्मा के मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही यह माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे को पार्टी में साइडलाइन किया जा रहा है। लेकिन जोधपुर में दिया गया उनका यह बयान इस बात का सबूत है कि 'मैडम' आज भी राजस्थान की राजनीति की एक माहिर खिलाड़ी हैं और अपने एक बयान से पूरी सियासत का रुख मोड़ने की ताकत रखती हैं।