India-US Trade Deal : ट्रंप सरकार का बड़ा एक्शन व्हाइट हाउस ने जारी की फैक्ट शीट, टैक्स कटौती और रूसी तेल पर भारत को मिली बड़ी राहत?

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News India Live, Digital Desk: अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यभार संभालते ही भारत के साथ व्यापारिक समीकरण तेजी से बदलने लगे हैं। व्हाइट हाउस ने एक नई 'फैक्ट शीट' जारी की है, जिसमें भारत के साथ व्यापारिक बाधाओं को दूर करने और टैक्स के मोर्चे पर नरमी बरतने के संकेत दिए गए हैं। यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब दुनिया भर में 'टैरिफ वॉर' की आहट सुनाई दे रही है, लेकिन भारत के लिए यहाँ से अच्छी खबरें निकलकर सामने आ रही हैं।

डिजिटल सर्विस टैक्स (DST) पर बनी सहमति!

व्हाइट हाउस की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और भारत के बीच 'डिजिटल सर्विस टैक्स' को लेकर चल रहा पुराना विवाद सुलझता नजर आ रहा है। अमेरिकी टेक कंपनियों (जैसे गूगल, फेसबुक और अमेजन) पर लगने वाले टैक्स को लेकर ट्रंप प्रशासन और भारत सरकार के बीच एक मध्यम मार्ग निकाला गया है। इससे अमेरिकी कंपनियों को भारत में काम करने में आसानी होगी, वहीं भारत के आईटी सेक्टर को भी इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

रूसी तेल: क्या ट्रंप ने दी भारत को 'क्लीन चिट'?

इस फैक्ट शीट में सबसे चौंकाने वाला पहलू रूसी तेल का आयात है। यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने पर अमेरिका का रुख अब नरम पड़ता दिख रहा है। ट्रंप प्रशासन का मानना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत की भूमिका महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट संकेत देती है कि अमेरिका अब भारत पर रूसी तेल को लेकर कड़े प्रतिबंध लगाने के बजाय द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने पर अधिक ध्यान देगा।

[Image: PM Modi and Donald Trump shaking hands at White House]

टैरिफ में कटौती: भारतीय उत्पादों के लिए खुलेंगे दरवाजे?

व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ 'पारस्परिक व्यापार' (Reciprocal Trade) चाहता है। अगर भारत कुछ अमेरिकी उत्पादों पर आयात शुल्क कम करता है, तो अमेरिका भी भारतीय स्टील, एल्युमीनियम और कृषि उत्पादों के लिए अपने बाजार की बाधाएं कम करने को तैयार है।

भारत के लिए क्यों है यह 'बड़ी जीत'?

निर्यात में उछाल: टैक्स और टैरिफ कम होने से भारतीय गारमेंट्स, फार्मा और इंजीनियरिंग गुड्स का अमेरिका को निर्यात बढ़ेगा।

चीन पर निर्भरता कम: अमेरिका अब चीन के विकल्प के तौर पर भारत को एक भरोसेमंद 'सप्लाई चेन पार्टनर' के रूप में देख रहा है।

रणनीतिक मजबूती: पीएम मोदी और ट्रंप की केमिस्ट्री का असर अब कागजों पर (पॉलिसी लेवल पर) दिखने लगा है।