Rajasthan : नीमराना में मजदूरों का महा-संग्राम 13 में से 12 मांगें मानी गईं, वेतन वृद्धि पर 7 दिन का अल्टीमेटम
News India Live, Digital Desk : राजस्थान के प्रमुख औद्योगिक केंद्र नीमराना में पिछले 48 घंटों से मजदूरों का गुस्सा सड़कों पर फूट रहा है। निडेक (Nidec) कंपनी के बाहर शनिवार सुबह 6 बजे से शुरू हुआ करीब 250 कॉन्ट्रैक्ट श्रमिकों का धरना हिंसक झड़प में बदल गया। हालांकि, जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों को एक बड़ी जीत मिली है प्रबंधन ने उनकी 13 में से 12 मांगों को मान लिया है, जबकि सबसे मुख्य मुद्दा यानी वेतन बढ़ोतरी पर फैसला लेने के लिए 7 दिनों का समय मांगा है।
1. ट्रैक्टरों से हमला और पथराव (हिंसा का तांडव)
शुक्रवार और शनिवार को जापानी जोन में माहौल तब बेहद तनावपूर्ण हो गया जब धरने पर बैठे मजदूरों पर कथित तौर पर ट्रैक्टर सवार कुछ लोगों ने हमला कर दिया।
पथराव: गुस्से में आए श्रमिकों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिससे कंपनी गेट के कांच टूट गए और कई लोग घायल हो गए।
पुलिस की सख्ती: हालात बेकाबू होते देख भारी पुलिस बल तैनात किया गया। नीमराना एसडीएम और डीएसपी ने मौके पर मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग भी करना पड़ा।
2. मजदूरों की मुख्य शिकायतें
श्रमिकों का आरोप है कि उन्हें 'बंधुआ' की तरह रखा जा रहा है और न्यूनतम सुविधाओं से भी वंचित किया गया है:
वेतन विसंगति: मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बावजूद उनका वेतन नहीं बढ़ाया गया।
अमानवीय शर्तें: एक दिन की भी छुट्टी लेने पर नौकरी से निकालने की धमकी और वेतन में भारी कटौती की जाती है।
खाने की गुणवत्ता: कंपनी द्वारा दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब होने के आरोप भी लगाए गए हैं।
3. प्रशासन का 'मिडिल पाथ' (समझौते की ओर)
नीमराना एसडीएम महेंद्र यादव की मौजूदगी में चली लंबी वार्ता के बाद सहमति बनी:
स्वीकृत मांगें: साप्ताहिक अवकाश, कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण, बेहतर चिकित्सा सुविधा और व्यवहार में सुधार जैसी 12 मांगों पर प्रबंधन राजी हो गया है।
वेतन पर 'डेडलॉक': वेतन वृद्धि के लिए प्रबंधन ने 7 दिन की मोहलत मांगी है। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों में संतोषजनक निर्णय नहीं हुआ, तो वे फिर से आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
4. NCR में बढ़ती लेबर अशांति
यह घटना कोई इकलौती नहीं है। पिछले एक हफ्ते में उत्तर भारत के कई औद्योगिक क्षेत्रों (नोएडा, गुरुग्राम, भिवाड़ी और अब नीमराना) में वेतन वृद्धि को लेकर आंदोलन तेज हुए हैं। 16 अप्रैल को देशव्यापी ट्रेड यूनियन विरोध के बाद अब औद्योगिक इलाकों में 'वेतन और सुरक्षा' को लेकर मजदूर लामबंद हो रहे हैं।