राजस्थान में हीटवेव का ऑरेंज सिग्नल, अगले 4 दिन बरसने वाली है आग, जानें जयपुर-कोटा-चूरू का हाल
News India Live, Digital Desk: राजस्थान में सूर्यदेव के तेवर अब जानलेवा होने लगे हैं। मौसम केंद्र जयपुर (IMD) ने सोमवार (20 अप्रैल 2026) को राज्य के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए चेतावनी दी है कि अगले 96 घंटों यानी 23 अप्रैल तक प्रदेश में भीषण लू का सितम जारी रहेगा। तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोत्तरी होने का अनुमान है, जिससे कई शहरों में पारा 45 डिग्री के करीब पहुँच सकता है।
1. अगले 4 दिनों का संकट (20-23 अप्रैल)
मौसम विभाग के अनुसार, एक नए 'एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन' के कारण रेगिस्तानी इलाकों से आने वाली गर्म हवाएं पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले चुकी हैं।
20 और 21 अप्रैल: पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर, बीकानेर प्रमंडल) में 'तीव्र लू' (Severe Heatwave) का असर रहेगा।
22 और 23 अप्रैल: लू का दायरा बढ़कर पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अजमेर और भरतपुर प्रमंडल तक फैल जाएगा।
राहत की उम्मीद: 23 अप्रैल की रात से एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (WD) सक्रिय हो सकता है, जिससे 24 अप्रैल से तापमान में हल्की गिरावट आने के आसार हैं।
2. प्रमुख शहरों का तापमान (आज का अपडेट)
आज दोपहर तक राज्य के मुख्य केंद्रों पर तापमान कुछ इस प्रकार दर्ज किया गया:
चूरू: 43.8°C (राज्य का सबसे गर्म शहर होने की ओर अग्रसर)
कोटा: 43.2°C (भयंकर तपिश और उमस)
बाड़मेर: 42.8°C
जयपुर: 41.5°C (राजधानी में भी लू के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल)
बीकानेर: 42.4°C
3. 'ऑरेंज अलर्ट' का मतलब और सावधानी
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि गर्मी की स्थिति स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
स्कूलों के लिए निर्देश: जयपुर और कोटा जैसे जिलों में कलेक्टर जल्द ही स्कूलों की छुट्टी या समय सुबह 7:30 से 11:00 बजे तक करने का आदेश जारी कर सकते हैं।
बिजली की मांग: भीषण गर्मी के कारण राज्य में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गई है, जिससे कुछ ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती की खबरें भी आ रही हैं।
4. स्वास्थ्य विभाग की 'एडवाइजरी'
एसएमएस अस्पताल (जयपुर) के चिकित्सकों ने लू से बचने के लिए विशेष सुझाव जारी किए हैं:
हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर ढककर रखें।
प्यास न लगने पर भी नियमित अंतराल पर पानी, छाछ या नींबू-पानी पीते रहें।
आंखों के बचाव के लिए सनग्लासेस (चश्मे) का उपयोग करें।