Rajasthan Government : एक बिल और लाखों बच्चों का भविष्य, राजस्थान विधानसभा में उस दिन ऐसा क्या हुआ?

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News India Live, Digital Desk: Rajasthan Government : राजस्थान में कोचिंग संस्थानों पर लगाम कसने के लिए लाए गए कानून पर सियासी पारा चढ़ गया है। मंगलवार को विधानसभा में इस बिल को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस के विधायकों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। उनका कहना है to सरकार इस बिल की आड़ में कोचिंग माफिया को बचाना चाहती है और इसमें कई खामियां हैं।

कांग्रेस क्यों कर रही है बिल का विरोध?

सदन में कांग्रेस विधायकों का गुस्सा साफ नजर आ रहा था। उनका कहना था कि यह बिल उन छोटे-छोटे कोचिंग सेंटरों और ट्यूशन पढ़ाने वालों को परेशान करने के लिए लाया गया है जो ईमानदारी से अपना काम कर रहे हैं। विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा कि असली समस्या कोटा जैसे बड़े शहरों में चल रहे बड़े कोचिंग संस्थान हैं, जहां बच्चों पर पढ़ाई का भारी दबाव होता है और वे आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इन बड़े संस्थानों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

कांग्रेस ने बिल में बच्चों की फीस वापसी और उनकी मानसिक सेहत जैसे मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि बिल में इन जरूरी बातों का कोई साफ जिक्र नहीं है।

सरकार का क्या कहना है?

वहीं, सरकार की तरफ से शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने बिल का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह कानून बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बहुत जरूरी है। सरकार का कहना है कि यह बिल कोचिंग संस्थानों की मनमानी पर रोक लगाएगा और वहां पढ़ रहे बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित माहौल देगा। हंगामे के बीच ही सरकार ने इस बिल को ध्वनि मत से पारित करवा लिया।

लेकिन इस पूरे मामले ने एक बड़ी बहस खड़ी कर दी है। क्या यह कानून वाकई बच्चों के हित में है या फिर यह सिर्फ एक दिखावा है? क्या इससे कोचिंग संस्थानों की लूट-खसोट और बच्चों पर पड़ने वाला मानसिक दबाव कम होगा? इन सवालों का जवाब तो आने वाला वक्त ही देगा, लेकिन फिलहाल इस बिल ने राजस्थान की राजनीति में गर्मी बढ़ा दी है।