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March 21 2026 10:30 pm

Rajasthan Education Crisis : राजस्थान में शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरी 5 बार काउंसलिंग रद्द, हजारों DPC अटकी

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान की भजनलाल सरकार के 'शिक्षा सुधार' के दावों पर विपक्ष ने कड़ा प्रहार किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasra) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के जरिए सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि प्रशासनिक अक्षमता के कारण राज्य की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। डोटासरा के अनुसार, पदस्थापन के लिए आयोजित होने वाली काउंसलिंग को 5 बार रद्द किया जा चुका है, जिससे हजारों शिक्षकों की पदोन्नति (DPC) अधर में लटकी हुई है। इस राजनीतिक घमासान ने नए शैक्षणिक सत्र से पहले प्रदेश के लाखों छात्रों और शिक्षकों के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।

डोटासरा के 5 बड़े आरोप: "पर्ची सरकार" पर सीधा वार

गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए हैं:

काउंसलिंग का 'मजाक': विभाग अब तक 3801 उपप्रधानाचार्यों (Vice-Principals) के पदस्थापन के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाया है। बार-बार तिथि बदलने से शिक्षकों में भारी रोष है।

शिक्षकों की भारी कमी: डोटासरा ने दावा किया कि ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, लेकिन सरकार ठोस नियुक्तियों के बजाय केवल 'ट्रांसफर उद्योग' चलाने में व्यस्त है।

जर्जर स्कूल भवन: प्रदेश में 3700 से अधिक स्कूल भवन जर्जर हालत में हैं और करीब 83 हजार अतिरिक्त कक्षा-कक्षों की आवश्यकता है, जिसे लेकर सरकार के पास कोई रोडमैप नहीं है।

मर्जर की तैयारी: विपक्ष का आरोप है कि सरकार नामांकन बढ़ाने के बजाय छोटे और ग्रामीण स्कूलों को बंद करने या उन्हें बड़े स्कूलों में मर्ज करने की योजना बना रही है।

भ्रष्टाचार का आरोप: डोटासरा ने शिक्षा मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्र के बीच में राजनीतिक दुर्भावना से ट्रांसफर करने के लिए समय है, लेकिन डीपीसी और काउंसलिंग जैसे बुनियादी मुद्दों के लिए नहीं।

DPC की राह देख रहे हजारों शिक्षक

राजस्थान शिक्षा विभाग ने पहले 31 मार्च 2026 तक सभी कैडर्स की डीपीसी प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा था।

अटका प्रमोशन: हजारों शिक्षक सालों से पदोन्नति की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन प्रशासनिक ढिलाई और बार-बार काउंसलिंग रद्द होने से यह प्रक्रिया समय पर पूरी होती नहीं दिख रही है।

छात्रों की पढ़ाई प्रभावित: बोर्ड परीक्षाओं और नए सत्र के बीच शिक्षकों के पद रिक्त होने से सीधे तौर पर छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।

भाजपा का पलटवार: "पिछली सरकार के पाप धो रहे हैं"

विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा है कि कांग्रेस सरकार के समय शिक्षा विभाग में जो अनियमितताएं थीं, उन्हें सुधारने में समय लग रहा है। सरकार का तर्क है कि काउंसलिंग को पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए स्थगित किया गया है, न कि किसी लापरवाही के कारण।