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March 21 2026 07:44 pm

Punjab Cabinet : बेबुनियाद हैं आरोप, सच की जीत होगी, इस्तीफा देने के बाद पहली बार बोले लालजीत भुल्लर

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News India Live, Digital Desk: पंजाब कैबिनेट से इस्तीफा देने के ठीक बाद लालजीत सिंह भुल्लर (Laljit Singh Bhullar) ने सोशल मीडिया के जरिए अपना मौन तोड़ा है। उन्होंने फेसबुक पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भुल्लर ने दावा किया कि अधिकारी गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में उनका नाम एक 'गहरी राजनीतिक साजिश' के तहत घसीटा जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जांच का सामना करने के लिए तैयार हैं और इसीलिए उन्होंने पद छोड़ा है ताकि 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो सके।

भुल्लर की फेसबुक पोस्ट के 5 प्रमुख बिंदु (Inside the Post)

लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने आधिकारिक फेसबुक हैंडल (@laljitbhullar22) पर जो बातें लिखीं, उनका सार इस प्रकार है:

आरोपों को नकारा: भुल्लर ने लिखा, "मेरे खिलाफ लगाए जा रहे सभी आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं। मेरा इस दुखद घटना (अधिकारी की आत्महत्या) से कोई सीधा संबंध नहीं है।"

पार्टी की विचारधारा का हवाला: उन्होंने कहा, "आम आदमी पार्टी और हमारे नेता अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान ने हमेशा सच का साथ दिया है। हमारी पार्टी नैतिकता पर आधारित राजनीति करती है।"

जांच में बाधा न बनने की दलील: भुल्लर ने लिखा कि उन्होंने खुद मुख्यमंत्री से इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है। उनका मानना है कि मंत्री पद पर रहते हुए जांच प्रभावित होने का आरोप लग सकता था, इसलिए वे एक आम नागरिक की तरह जांच का सामना करना चाहते हैं।

विरोधियों पर निशाना: पोस्ट में उन्होंने इशारा किया कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता और आगामी स्थानीय चुनाव (Local Body Polls) को देखते हुए विपक्षी दल उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।

न्याय व्यवस्था पर भरोसा: उन्होंने अंत में लिखा, "मुझे कानून और जांच एजेंसियों पर पूरा भरोसा है। सच जल्द ही सबके सामने आएगा और मैं बेदाग साबित होकर लौटूंगा।"

वीडियो विवाद पर साधी चुप्पी!

दिलचस्प बात यह है कि भुल्लर ने अपनी पोस्ट में उन विशिष्ट आरोपों (जैसे अधिकारी को घर बुलाकर पीटना या जबरन कबूलनामा रिकॉर्ड करना) पर सीधा जवाब देने के बजाय मामले को 'राजनीतिक साजिश' बताया है। वायरल वीडियो में अधिकारी ने जो आरोप लगाए हैं, भुल्लर की पोस्ट में उन पर कोई विस्तार से सफाई नहीं दी गई है।

विपक्ष ने घेरा: "इस्तीफा नहीं, एफआईआर चाहिए"

भुल्लर की इस फेसबुक सफाई पर विपक्षी नेताओं ने कड़ा प्रहार किया है।

बिक्रम मजीठिया ने पलटवार करते हुए कहा कि "फेसबुक पोस्ट से न्याय नहीं मिलता, पुलिस कस्टडी में पूछताछ होनी चाहिए।"

कांग्रेस का कहना है कि फेसबुक पर 'सच का साथ' देने की बात करना केवल जनता की सहानुभूति बटोरने का एक तरीका है।

जांच की आंच: अब सबकी नजरें मुख्य सचिव पर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा को निर्देश दिए हैं कि भुल्लर द्वारा किए गए दावों और मृतक अधिकारी के वीडियो के तथ्यों की गहराई से जांच की जाए। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या मंत्री और अधिकारी के बीच हाल के दिनों में कोई फोन कॉल्स या मुलाकात हुई थी।