Rajasthan Assembly Day 4 : राइट टू हेल्थ एक्ट पर घमासान,मंत्री के जवाब से भड़की कांग्रेस, सदन से किया वॉकआउट
News India Live, Digital Desk: राजस्थान विधानसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान 'राइट टू हेल्थ' कानून को लेकर भारी शोर-शराबा देखने को मिला। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा लाए गए इस कानून के नियम (Rules) अभी तक न बनने पर विपक्ष ने सरकार को घेरा, वहीं सरकार ने इस कानून की प्रासंगिकता पर ही सवाल उठा दिए।
1. विवाद की मुख्य वजह (The Bone of Contention)
कांग्रेस विधायक हरिमोहन शर्मा ने सवाल उठाया कि 'राइट टू हेल्थ' एक्ट अक्टूबर 2023 में अधिसूचित होने के बावजूद अभी तक इसके नियम क्यों नहीं बनाए गए?
मंत्री का जवाब: स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि पिछली सरकार ने यह कानून चुनाव से ठीक पहले केवल "राजनीतिक लाभ" लेने के लिए बनाया था।
सरकार का तर्क: मंत्री ने आगे कहा कि जब सरकार की 'मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना' (MAA Yojana) सभी स्वास्थ्य जरूरतें पूरी कर रही है, तो अलग से इस कानून की क्या आवश्यकता है? उन्होंने यह भी पूछा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल के अंतिम महीनों में इसके नियम क्यों नहीं बनाए?
2. सदन में तीखी बहस और वॉकआउट
मंत्री के इस जवाब पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायकों ने कड़ा ऐतराज जताया:
विपक्ष का आरोप: कांग्रेस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता के स्वास्थ्य अधिकारों को छीनना चाहती है और जानबूझकर नियमों में देरी कर रही है।
हंगामा: मंत्री और विपक्ष के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि कांग्रेस विधायक सदन के वेल (Well) में आ गए और नारेबाजी करने लगे।
स्पीकर की चेतावनी: विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन की गरिमा बनाए रखने की चेतावनी दी और सदस्यों से अपनी सीट पर बैठने को कहा। अंततः, मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर पूरी कांग्रेस पार्टी ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
3. पूर्व सीएम अशोक गहलोत की प्रतिक्रिया
सदन के बाहर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री का बयान निंदनीय है और सरकार स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति कर रही है। गहलोत ने सरकार से तुरंत नियम बनाकर कानून को पूरी तरह लागू करने की मांग की।
बजट सत्र के अन्य मुख्य बिंदु (12 फरवरी 2026):
बजट पर बहस: कल पेश किए गए बजट (2026-27) पर आज सदन में सामान्य चर्चा शुरू हुई। विपक्षी सदस्यों ने बजट को "आंकड़ों की बाजीगरी" करार दिया।
टोल टैक्स पर स्पष्टीकरण: सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्टेट हाईवे पर निजी वाहनों को टोल मुक्त करने का कोई नया प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
किसान और युवा: सरकार ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि बजट में युवाओं के लिए 4 लाख नौकरियों और किसानों के लिए ब्याज मुक्त ऋण का जो रोडमैप दिया गया है, वह ऐतिहासिक है।