Railway Diwali Gift : रेलवे में बंपर दिवाली बोनस का ऐलान,10 लाख से ज़्यादा कर्मचारियों को मिलेगा 78 दिन का वेतन
News India Live, Digital Desk: Railway Diwali Gift : दिवाली का त्योहार करीब आते ही, देशभर के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों के लिए एक खुशखबरी आती है. खासकर भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए, जिनके लिए दिवाली बोनस एक बड़ी सौगात की तरह होता है. इस साल भी, केंद्र सरकार ने अपने 10 लाख 90 हज़ार से ज़्यादा रेल कर्मचारियों को दिवाली से पहले एक बड़ा तोहफा दिया है: उन्हें 78 दिनों के वेतन के बराबर प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) देने को मंज़ूरी दे दी है. यह खबर न केवल कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान लाई है, बल्कि इससे त्योहारों के बाज़ार में भी रौनक आने की उम्मीद है.
कितने पैसे मिलेंगे और किनको मिलेगा फायदा?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार, 24 सितंबर, 2025 को रेलवे कर्मचारियों के लिए कुल 1,866 करोड़ रुपये के इस बोनस भुगतान को हरी झंडी दिखाई है. इसका मतलब है कि प्रत्येक पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारी को लगभग 17,951 रुपये तक का बोनस मिल सकता है. यह बोनस उन कर्मचारियों को दिया जाएगा जो रेलवे के रोज़मर्रा के कामों में लगे होते हैं और अपनी मेहनत से रेलवे की दक्षता और प्रदर्शन को बेहतर बनाते हैं. इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, तकनीशियन, पॉइंट्समैन और अन्य ग्रुप 'सी' व 'डी' के स्टाफ शामिल हैं. अधिकारियों को यह बोनस नहीं मिलता है, लेकिन उन्हें अन्य तरह से वित्तीय सहायता दी जा सकती है.
यह बोनस कर्मचारियों की मेहनत और रेलवे की क्षमता बढ़ाने में उनके योगदान को पहचान देने के लिए दिया जाता है. पिछले साल भी लगभग 11 लाख कर्मचारियों को यह बोनस मिला था, जिससे उनका मनोबल बढ़ा था.
अर्थव्यवस्था और बाज़ार पर क्या होगा असर?
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब त्योहारी सीज़न पूरे ज़ोरों पर है और बाज़ार में रौनक बढ़ने की उम्मीद है. विशेषज्ञों का मानना है कि जब कर्मचारियों को बोनस मिलता है, तो वे खरीदारी पर ज़्यादा पैसा खर्च करते हैं, जिससे बाज़ार में मांग बढ़ती है. इसका सीधा फायदा व्यापारियों और उद्योगों को होगा.
इस साल, कई ज़रूरी सामानों पर हाल ही में जीएसटी दरों में भी कटौती की गई है, जिससे ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता और बढ़ जाएगी. रेलवे कर्मचारी शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता हैं. बोनस के रूप में मिली यह अतिरिक्त आय घरेलू सामान, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य त्योहार से जुड़ी ख़रीददारी को बढ़ावा देगी, जिससे खुदरा बिक्री मज़बूत होगी और अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी. यह कदम न केवल कर्मचारियों और उनके परिवारों की दिवाली की खुशियों को दोगुना करेगा, बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों को भी मज़बूती देगा.