पूर्णिया बन रहा है सुरक्षा का नया गढ़ गृह मंत्री अमित शाह की नजरें अब सीमांचल पर, जानें क्या है पूरा प्लान
News India Live, Digital Desk: अगर आप बिहार की राजनीति और सुरक्षा-व्यवस्था पर नजर रखते हैं, तो आपको पता होगा कि 'सीमांचल' (Seemanchal) का इलाका हमेशा से सुर्ख़ियों में रहता है। चाहे वह घुसपैठ का मुद्दा हो, नेपाल बॉर्डर से तस्करी का हो, या फिर बदलती हुई डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) का।
लेकिन इस बार खबर थोड़ी अलग और बड़ी है। पूर्णिया और उसके आसपास के जिलों में इन दिनों पुलिस प्रशासन के पसीने छूटे हुए हैं। वजह है— एक बहुत बड़ी 'सुरक्षा मीटिंग' जो जल्द ही यहाँ होने वाली है। और खबर तो यहाँ तक है कि इसमें शामिल होने के लिए देश के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) भी आ सकते हैं।
आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर पूर्णिया में पुलिस अफसरों का इतना बड़ा जमावड़ा क्यों लगने वाला है।
पुलिस के बड़े अधिकारियों का कैंप
ख़बरों के मुताबिक, 10 दिसंबर के आसपास बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) समेत राज्य के तमाम बड़े पुलिस अधिकारी (SP, SSP, DIG, IG) पूर्णिया में जुटने वाले हैं। इसे 'पुलिस समागम' कहा जा रहा है। आम तौर पर ऐसी मीटिंग्स राजधानी पटना में होती हैं, लेकिन इसे पूर्णिया में करने का मतलब साफ है कि सरकार का पूरा फोकस अब सीमांचल की सुरक्षा पर है।
अमित शाह के आने की तैयारी?
सबसे ज्यादा चर्चा अमित शाह के दौरे को लेकर है। हालांकि अभी तारीख पूरी तरह पक्की नहीं हुई है, लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि वे इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। अगर देश का गृह मंत्री सीमांचल आता है, तो यह कोई सामान्य बात नहीं होगी। यह इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार इस इलाके को लेकर कितनी गंभीर है।
सीमांचल ही क्यों? (सबसे बड़ा सवाल)
आपके मन में भी सवाल होगा कि पटना छोड़कर पूर्णिया क्यों? इसके पीछे ठोस वजहें हैं:
- बॉर्डर की सुरक्षा: सीमांचल के जिले (किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार) नेपाल और पश्चिम बंगाल से सटे हुए हैं। यहाँ से अक्सर अवैध गतिविधियों की खबरें आती रहती हैं।
- घुसपैठ: बांग्लादेशी घुसपैठियों का मुद्दा यहाँ सबसे गरम है। सरकार चाहती है कि पुलिस प्रशासन इस पर कड़ाई से काम करे।
- मैसेज देना: इतने बड़े स्तर पर पुलिस की मीटिंग करके अपराधियों और देश विरोधी ताकतों को एक कड़ा संदेश देने की कोशिश है कि "हम सब देख रहे हैं।"
प्रशासन में हड़कंप
संभावित वीवीआईपी (VVIP) दौरे को देखते हुए पूर्णिया में तैयारियां शुरू हो गई हैं। साफ-सफाई से लेकर सुरक्षा घेरे तक, सब कुछ चेक किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन कोई चूक नहीं चाहता।