जालंधर के दो नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी
पंजाब के औधोगिक शहर जालंधर में उस वक्त भारी अफरातफरी और दहशत का माहौल बन गया, जब शहर के दो नामी और नामचीन निजी स्कूलों को ई-मेल के जरिए एक साथ बम से उड़ाने की खौफनाक धमकी मिली। अज्ञात बदमाशों द्वारा भेजे गए इस धमकी भरे पत्र में केवल शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाने की बात ही नहीं कही गई, बल्कि इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आगामी पंजाब दौरे का विशेष रूप से जिक्र करते हुए रेलवे ट्रैक पर आईईडी (IED) ब्लास्ट करने की सीधे तौर पर चेतावनी भी दी गई है। इस तरह के गंभीर और सनसनीखेज इनपुट मिलने के बाद से जालंधर पुलिस, काउंटर इंटेलिजेंस और पंजाब पुलिस की विशेष टीमें पूरी तरह से हाई अलर्ट मोड पर आ गई हैं। पुलिस प्रशासन ने बिना कोई देरी किए दोनों स्कूलों को तुरंत खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है, जिससे अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों के बीच भारी डर का माहौल व्याप्त हो गया है।
जालंधर के प्रमुख स्कूलों को मिले धमकी भरे ई-मेल से मचा हड़कंप
यह पूरी सनसनीखेज घटना सुबह के समय सामने आई जब जालंधर के दो नामचीन और बड़े कॉन्वेंट स्कूलों के आधिकारिक ई-मेल आईडी पर एक अज्ञात पता से धमकी भरा पत्र प्राप्त हुआ। ई-मेल खुलते ही स्कूल प्रशासन के पैर तले जमीन खिसक गई, क्योंकि उसमें लिखा था कि स्कूल परिसर के भीतर विस्फोटक सामग्री रखी गई है जिसे बहुत जल्द रिमोट से उड़ा दिया जाएगा। इस मेल के सामने आते ही स्कूलों में मौजूद हजारों छोटे-छोटे बच्चों और अध्यापकों की सुरक्षा पर सीधा खतरा मंडराने लगा। आनन-फानन में दोनों स्कूल प्रबंधनों ने बिना कोई समय गंवाए स्थानीय पुलिस स्टेशन और जिला प्रशासन को इसकी तुरंत सूचना दी और इसके साथ ही सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सभी कक्षाओं को तुरंत खाली करवाकर बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
राहुल गांधी के पंजाब दौरे का जिक्र और रेलवे ट्रैक पर IED ब्लास्ट का खौफनाक ताना-बाना
इस धमकी भरे ई-मेल का सबसे गंभीर और चिंताजनक पहलू वह हिस्सा है जिसमें देश के वरिष्ठ राजनेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आगामी पंजाब दौरे का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। ई-मेल भेजने वाले ने धमकी दी है कि केवल स्कूलों को ही निशाना नहीं बनाया जाएगा, बल्कि राहुल गांधी की यात्रा के दौरान जालंधर और आसपास के मुख्य रेल मार्गों पर आईईडी (Improvised Explosive Device) से बड़ा धमाका कर ट्रेन रूट को बाधित किया जाएगा। राजनीतिक हस्ती की यात्रा और सार्वजनिक रेलवे नेटवर्क को इस तरह से सीधे तौर पर निशाना बनाने की बात सामने आते ही राज्य की केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) के स्थानीय नेटवर्क भी एक्टिव हो गए हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी बड़े आतंकी सिंडिकेट की हरकत हो सकती है या फिर शहर में बड़े पैमाने पर दहशत और अशांति फैलाने की सोची-समझी साजिश है।
पुलिस बल, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड ने संभाला मोर्चा, सघन सर्च ऑपरेशन जारी
धमकी भरे मैसेज की जानकारी मिलते ही जालंधर के पुलिस कमिश्नर समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी, बम निरोधक दस्ता (Bomb Disposal Squad), डॉग स्क्वायड और स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) की गाड़ियां सायरन बजाती हुई तुरंत दोनों स्कूलों में दाखिल हुईं। पूरे स्कूल परिसर, खेल के मैदानों, लाइब्रेरी, कैंटीन, क्लासरूम्स और पार्किंग एरिया को सील करके चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली जा रही है। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर जालंधर रेलवे स्टेशन और आसपास के तमाम प्रमुख रेल ट्रैकों पर भी पुलिस की गश्त और चेकिंग बढ़ा दी गई है। रेलवे ट्रैक पर किसी भी संदिग्ध वस्तु या हलचल की निगरानी के लिए मेटल डिटेक्टर्स और स्निफर डॉग्स की मदद से सघन अभियान चलाया जा रहा है ताकि किसी भी अनहोनी घटना को होने से समय रहते रोका जा सके।
अभिभावकों में फैला भारी डर, स्कूल गेट पर उमड़ी बदहवास माता-पिता की भीड़
जैसे ही स्कूलों को बम से उड़ाने की खबर शहर में जंगल की आग की तरह फैली, वैसे ही घबराए और बदहवास माता-पिता अपने बच्चों की सलामती की चिंता में अपने-अपने वाहनों से स्कूलों के गेट पर पहुंचने लगे। स्कूल परिसरों के बाहर अभिभावकों की लंबी-लंबी कतारें और भारी भीड़ देखने को मिली। हर कोई जल्द से जल्द अपने बच्चे को सही-सलामत अपने साथ घर ले जाने के लिए बेताब नजर आया। हालांकि, स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस बल ने काफी मशक्कत की और अभिभावकों को धैर्य बनाए रखने की अपील की। पुलिस और स्कूल प्रशासन ने माइक से घोषणाएं करके अभिभावकों को आश्वस्त किया कि सभी बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें अनुशासित तरीके से उनके माता-पिता के सुपुर्द किया जा रहा है।
साइबर सेल और काउंटर इंटेलिजेंस एक्टिव, आईपी एड्रेस और ई-मेल के ओरिजिन की जांच में जुटी टीमें
इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए पंजाब पुलिस का साइबर क्राइम सेल पूरी ताकत के साथ जांच में जुट गया है। जिस ई-मेल आईडी से यह धमकी भेजी गई है, उसके आईपी (IP) एड्रेस, वीपीएन (VPN) सर्वर और ओरिजिन की गहनता से डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में पुलिस अधिकारियों को यह आशंका है कि जांच एजेंसियों को भ्रमित करने के लिए विदेशी प्रॉक्सी सर्वर या एनक्रिप्टेड मेल सेवा का इस्तेमाल किया गया हो सकता है। पुलिस इस बात का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह किसी असामाजिक तत्व द्वारा फैलाया गया महज एक खतरनाक हॉक्स (झूठी अफवाह) है या फिर इसके पीछे किसी वास्तविक आपराधिक या राष्ट्रविरोधी संगठन का हाथ है। अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि ई-मेल भेजने वाले को बहुत जल्द ट्रैक कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।