झारखंड के 5 जिलों में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट, टाटानगर से चलने वाली 11 ट्रेनें रद्द

झारखंड के 5 जिलों में मूसलाधार बारिश का रेड अलर्ट, टाटानगर से चलने वाली 11 ट्रेनें रद्द

चक्रवाती तूफान 'अर्नब' ने देश के पूर्वी तटीय इलाकों से टकराने के बाद अब विकराल रूप धारण कर लिया है। इसका सीधा और विनाशकारी असर झारखंड के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों पर दिखने लगा है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) ने चक्रवात के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए झारखंड के 5 प्रमुख जिलों के लिए बेहद भारी बारिश और तेज आंधी-तूफान का रेड अलर्ट जारी कर दिया है। तूफान के कारण रेल पटरियों पर पानी भरने और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दक्षिण पूर्व रेलवे ने टाटानगर (जमशेदपुर) रेलवे स्टेशन से खुलने और गुजरने वाली 11 प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह रद्द करने की घोषणा कर दी है। इसके अलावा कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव (Diverted) और समय में परिवर्तन किया गया है। मौसम विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन ने नागरिकों से बिना किसी अति आवश्यक काम के घरों से बाहर न निकलने और सतर्क रहने की सख्त अपील जारी की है।

चक्रवात 'अर्नब' का झारखंड में भीषण प्रवेश: इन 5 जिलों में मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) रांची केंद्र द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान 'अर्नब' की लैंडफॉल प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह झारखंड की सीमा की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर राज्य के पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर), पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा), सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और खूंटी जिलों में देखने को मिलेगा। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इन पांचों जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं और मूसलाधार से लेकर अति भारी बारिश (Heavy to Very Heavy Rainfall) होने की पूरी संभावना है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने इन जिलों में प्रशासनिक टीमों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।

टाटानगर रेलवे स्टेशन से 11 प्रमुख ट्रेनें पूरी तरह से रद्द, यात्री हो रहे परेशान

चक्रवाती तूफान के कारण चक्रधरपुर और टाटानगर रेल मंडल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से रेलवे प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। टाटानगर रेलवे स्टेशन से चलने वाली तथा हावड़ा-मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर दौड़ने वाली 11 महत्वपूर्ण एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। ट्रेनें रद्द होने की खबर मिलते ही टाटानगर स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, मुख्य रूप से टाटानगर-हावड़ा एक्सप्रेस, टाटानगर-बिलासपुर एक्सप्रेस, चक्रधरपुर-झाड़सुगुड़ा पैसेंजर, टाटानगर-बरकाकाना पैसेंजर और रांची-हावड़ा इंटरसिटी जैसी गाड़ियां प्रभावित हुई हैं। यात्रियों की सुविधा और रिफंड प्रक्रिया के लिए स्टेशन पर अतिरिक्त हेल्प डेस्क और स्पेशल काउंटर खोले गए हैं ताकि फंसे हुए यात्रियों की मदद की जा सके।

जमशेदपुर समेत निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तैनात

चक्रवात 'अर्नब' के कारण होने वाली भारी बारिश से जमशेदपुर शहर और आसपास के इलाकों से बहने वाली स्वर्णरेखा और खरकई नदियों के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने नदियों के किनारे बसे निचले इलाकों में मुनादी करवाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों (Relief Camps) में स्थानांतरित होने की सलाह दी है। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों को बोट्स, कटर और जीवन रक्षक उपकरणों के साथ पूर्व सिंहभूम और सरायकेला में तैनात कर दिया गया है। बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है, क्योंकि तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति पैदा हो सकती है।

किसानों और आम नागरिकों के लिए एडवाइजरी: कटी फसल सुरक्षित जगह रखें

मौसम में आए इस अचानक और खतरनाक बदलाव के कारण कृषि क्षेत्र को बड़े नुकसान का अंदेशा है। कृषि विज्ञान केंद्र और आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में खड़ी या काटी गई धान की फसल को तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के शेड में स्थानांतरित कर लें, ताकि भारी बारिश के पानी में फसल बहने या सड़ने से बचाई जा सके। इसके साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि तूफान के दौरान वे किसी भी पुराने जर्जर मकान, बड़े पेड़ों, लोहे के होर्डिंग्स और बिजली के तारों के पास न खड़े हों। जलभराव वाले रास्तों पर गाड़ी चलाने से बचें और जिला प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों को अपने पास सुरक्षित रखें।

आगामी 48 घंटों तक कैसा रहेगा झारखंड का मौसम? जनरेटिव एआई और मौसम विज्ञान का आंकलन

आधुनिक जनरेटिव वेदर फोरकास्टिंग (Generative Weather Analytics) और सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि चक्रवात 'अर्नब' जैसे-जैसे झारखंड के भूभाग के ऊपर से गुजरेगा, इसकी तीव्रता धीरे-धीरे कम होकर एक गहरे दबाव (Deep Depression) में बदल जाएगी। हालांकि, इसका असर रांची, बोकारो, धनबाद और गुमला जैसे मध्य झारखंड के जिलों पर भी देखने को मिलेगा, जहां हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश के साथ ठंडी हवाएं चलेंगी। मौसम विभाग का मानना है कि तूफान के असर से पूरे राज्य में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जाएगी और सर्द हवाओं का असर बढ़ जाएगा। स्थिति पर रेलवे, नागरिक उड्डयन और राज्य सरकार के अधिकारी पल-पल नजर बनाए हुए हैं ताकि आम जनजीवन को होने वाले नुकसान को कम से कम किया जा सके।