राजकुमार राव को मिली बहुत बड़ी राहत! भगवान शिव के रूप वाले विवादित पोस्टर पर दर्ज FIR कोर्ट ने की रद्द
बॉलीवुड के दिग्गज और टैलेंटेड अभिनेता राजकुमार राव के लिए कानूनी मोर्चे से एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। साल 2017 में रिलीज हुई उनकी चर्चित फिल्म 'बहन होगी तेरी' के एक विवादित पोस्टर को लेकर लंबे समय से चल रहा कानूनी विवाद अब आखिरकार खत्म हो गया है। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान जारी एक पोस्टर में राजकुमार राव को भगवान शिव के वेश में दिखाए जाने पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा था और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब माननीय अदालत ने इस पूरे मामले पर बड़ा फैसला सुनाते हुए उस एफआईआर को पूरी तरह से निरस्त कर दिया है।
जानिए क्या था वो विवादित पोस्टर जिसने राजकुमार राव को कानूनी पचड़े में फंसाया था
इस पूरे विवाद की जड़ें फिल्म 'बहन होगी तेरी' के प्रमोशन के दिनों से जुड़ी हुई हैं। फिल्म के मुख्य पोस्टर में अभिनेता राजकुमार राव को भगवान शिव के रूप और वेशभूषा में एक मोटरसाइकिल की सवारी करते हुए दिखाया गया था। पोस्टर के रिलीज होते ही देश के कुछ हिस्सों में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि इस तरह का चित्रण सनातन धर्म और भगवान शिव का अपमान है, जिसके बाद पुलिस में अभिनेताओं और निर्माताओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था। हालांकि, फिल्म मेकर्स का हमेशा से यही कहना था कि उनका इरादा किसी की भी धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाना बिल्कुल नहीं था।
अदालत का बड़ा फैसला, कलात्मक स्वतंत्रता और कानूनी राहत पर लगी मुहर
अदालत ने इस मामले की गहन सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह माना कि इस पोस्टर के पीछे धार्मिक भावनाओं को जानबूझकर ठेस पहुंचाने का कोई दुर्भावनापूर्ण इरादा नजर नहीं आता है। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और तथ्यों को देखते हुए राजकुमार राव को इस एफआईआर से पूरी तरह से मुक्त कर दिया है। इस फैसले के बाद फिल्म इंडस्ट्री और राजकुमार राव के फैंस ने राहत की सांस ली है। इस निर्णय को कलात्मक अभिव्यक्ति और रचनात्मक स्वतंत्रता के लिहाज से भी एक बेहद अहम और बड़ा फैसला माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर यह साबित किया है कि बिना किसी गलत मंशा के किए गए कार्यों पर बेवजह के कानूनी विवाद टिक नहीं सकते।