अमृतसर में पुलिस अधिकारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग से गरमाई पंजाब की सियासत

अमृतसर में पुलिस अधिकारी पर ताबड़तोड़ फायरिंग से गरमाई पंजाब की सियासत

पंजाब की कानून-व्यवस्था को एक बार फिर से एक बड़ा कटघरे में खड़ा कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी अमृतसर में ड्यूटी पूरी करके अपने घर लौट रहे पंजाब पुलिस के एक सहायक उप-निरीक्षक (ASI) पर अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं. इस खतरनाक और जानलेवा हमले में एएसआई बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके बाएं हाथ या बाजू को छूकर गोली निकल जाने के कारण वे घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से न केवल पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, बल्कि राज्य की राजनीतिक सरगर्मी भी पूरी तरह से उफान पर आ गई है. मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस घटना को आड़े हाथों लेते हुए राज्य की भगवंत मान सरकार पर कड़े प्रहार किए हैं और यह सवाल उठाया है कि जब राज्य में पुलिसकर्मी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा. आए दिन सामने आ रही गोलीबारी और वारदातों के कारण एक बार फिर पंजाब सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

ड्यूटी से घर लौट रहे एएसआई सुखचैन सिंह पर घात लगाकर किया गया जानलेवा हमला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित सहायक उप-निरीक्षक सुखचैन सिंह जो कि रेलवे पुलिस (GRP) में अपनी सेवाएं दे रहे हैं,बीते रविवार की देर रात अपनी ड्यूटी समाप्त करने के बाद मोटरसाइकिल पर सवार होकर अजनाला थाना क्षेत्र स्थित अपने गांव जगदेव खुर्द की ओर लौट रहे थे. जब वे अपने गांव के पास एक नहर के पुल और जगदेव कलां इलाके के नजदीक पहुंचे, तो पहले से ही घात लगाकर पीछे आ रहे तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवार नकाबपोश बदमाशों ने उनकी बाइक का पीछा करना शुरू कर दिया. स्थिति की नजाकत को भांपते हुए जब तक एएसआई कुछ समझ पाते और अपनी बाइक की रफ्तार बढ़ाते, तब तक हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. बदमाशों द्वारा चलाई गई एक गोली उनके कंधे और बाजू को छूकर निकल गई, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद अपनी सूझबूझ से वहां से निकलने में कामयाब रहे और किसी तरह सुरक्षित स्थान पर पहुंचकर इसकी सूचना पुलिस अधिकारियों को दी. पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए प्रासंगिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है और हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है.

पिछले कुछ महीनों में पुलिसकर्मियों पर बढ़ते हमलों ने बढ़ाई सुरक्षा एजेंसियों की चिंता

पंजाब के भीतर खाकी वर्दी और पुलिस अधिकारियों पर इस तरह के हमले की यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि पिछले कुछ हफ्तों में इस तरह के मामलों में खतरनाक इजाफा देखने को मिला है. इससे पहले भी अमृतसर और अन्य जिलों में ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को निशाना बनाए जाने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कुछ मामलों में पुलिस अधिकारियों को अपनी जान तक گवानी पड़ी है. हाल ही में अमृतसर के गेट हकीमा इलाके में तैनात एएसआई हरजीत सिंह की अज्ञात बदमाशों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया था, जिसके बाद पुलिस ने कड़े कदम उठाते हुए एनकाउंटर जैसी कार्रवाई भी की थी. इसके बावजूद अपराधियों के मन में कानून का खौफ कम होता नजर नहीं आ रहा है, और अब जीआरपी के एएसआई पर हुआ यह ताजा हमला यह साबित करने के लिए काफी है कि आपराधिक तत्व किस हद तक बेखौफ हो चुके हैं. खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इस हमले के पीछे कोई पुरानी व्यक्तिगत रंजिश थी या इसके पीछे किसी बड़े आपराधिक या आतंकी मॉड्यूल का हाथ है.

बीजेपी ने ‘आप’ सरकार पर बोला तीखा हमला, पूछा- क्या यही है आपका बदला हुआ ‘रंगला पंजाब’?

इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद राज्य की सियासत पूरी तरह गरमा गई है और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले शुरू कर दिए हैं. भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया और प्रेस बयानों के जरिए सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब में शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो जिस दिन गोलीबारी, हत्याएं, लूटपाट या फिरौती जैसी घटनाएं सामने न आती हों. विपक्षी नेताओं ने सरकार के उस दावे पर भी तंज कसा जिसमें राज्य को ‘रंगला पंजाब’ बनाने की बात कही जाती है, और आरोप लगाया कि आज पूरा पंजाब गैंगस्टरों और अपराधियों के खौफ के साये में जीने को मजबूर हो चुका है. बीजेपी ने कड़े शब्दों में कहा कि जब राज्य का रक्षक यानी पुलिस बल ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? राजनीतिक दलों की इस छींटाकशी के बीच आम आदमी पार्टी सरकार के लिए यह घटना कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर एक बहुत बड़ी चुनौती बन गई है, और जनता की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस प्रशासन इन बदमाशों को कब तक सलाखों के पीछे पहुँचाने में कामयाब होता है.