पंजाब मेरा ननिहाल है! अमृतसर पहुंचे केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, सूबे में पार्टी विस्तार को लेकर कह दी ये बड़ी बात
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अपने एक दिवसीय दौरे पर पंजाब के पवित्र शहर अमृतसर पहुंचे। अमृतसर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरती पर कदम रखते ही चिराग पासवान भावुक नजर आए। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब के साथ अपने बेहद करीबी और पारिवारिक रिश्तों का खुलासा करते हुए कहा कि पंजाब उनका ननिहाल है, इसलिए इस मिट्टी से उनका जुड़ाव बेहद स्वाभाविक और गहरा है। इस दौरान उन्होंने जहां एक तरफ स्वर्ण मंदिर में माथा टेका, वहीं दूसरी तरफ पंजाब की सियासत में अपनी पार्टी की भूमिका को लेकर भी बड़े संकेत दे दिए।
स्वर्ण मंदिर और जलियांवाला बाग में टेका माथा, पंजाब से बताया दिल का रिश्ता
अमृतसर पहुंचने के बाद केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान सबसे पहले सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धापूर्वक माथा टेका और देश की तरक्की व खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने ऐतिहासिक जलियांवाला बाग जाकर शहीदों को नमन किया। चिराग पासवान ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि मेरी मां पंजाब से हैं, इसलिए पंजाब मेरा ननिहाल है और यहां आकर मुझे हमेशा अपने घर जैसी अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की संस्कृति, यहां के लोगों का जज्बा और वीरों की गाथाएं हमेशा से पूरे देश को प्रेरित करती आई हैं।
पंजाब में लोजपा (रामविलास) के संगठन विस्तार को लेकर किया बड़ा एलान
भावुक पलों के बाद चिराग पासवान ने राज्य में अपनी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राजनीतिक भविष्य और विस्तार को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी अब केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ पंजाब में भी संगठन का तेजी से विस्तार किया जाएगा। चिराग पासवान ने कहा कि पंजाब के युवाओं और दबे-कुचले समाज की आवाज को बुलंद करने के लिए लोजपा (रामविलास) जमीनी स्तर पर काम करेगी। पार्टी बहुत जल्द पंजाब की सभी लोकसभा और विधानसभा सीटों पर ब्लॉक स्तर तक अपने संगठन को मजबूत करने के लिए एक विशेष सदस्यता अभियान शुरू करने जा रही है।
एनडीए गठबंधन और पंजाब की स्थानीय राजनीति पर टिकीं नजरें
केंद्र में एनडीए (NDA) सरकार के मजबूत स्तंभ माने जाने वाले चिराग पासवान के इस दौरे और पार्टी विस्तार के एलान के बाद पंजाब की स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। जब उनसे आगामी चुनावों में गठबंधन को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान पंजाब में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने और संगठन को मजबूत करने पर केंद्रित है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग पासवान का यह कदम पंजाब के दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाताओं के बीच एक नया राजनीतिक विकल्प खड़ा कर सकता है, जिससे आने वाले समय में सूबे के सियासी समीकरणों में दिलचस्प बदलाव देखने को मिल सकते हैं।