लुधियाना में अंबेडकर प्रतिमा का सुरक्षा शीशा तोड़ा, महिला आरोपी गिरफ्तार
पंजाब के औद्योगिक केंद्र लुधियाना से एक बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण खबर सामने आई है। शहर के सलेम टाबरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत जालंधर बाईपास स्थित मुख्य चौक पर स्थापित भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के सुरक्षा घेरे का शीशा अचानक पत्थर मारकर तोड़ दिया गया। इस घटना की सूचना फैलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और स्थानीय लोगों के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी (BSP) के कार्यकर्ताओं और वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। घटना की गंभीरता को देखते हुए लुधियाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर पत्थर फेंकने वाली 45 वर्षीय महिला को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। स्थिति की नाजुकता को ध्यान में रखते हुए पूरे चौक और आसपास के इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
जालंधर बाईपास चौक पर घटी पूरी वारदात और सीसीटीवी में महिला की खौफनाक करतूत
यह पूरी घटना सुबह के समय उस वक्त सामने आई जब रास्ते से गुजर रहे राहगीरों ने जालंधर बाईपास चौक पर लगी डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा के चारों तरफ बने सुरक्षा ग्लास केस को बुरी तरह क्षतिग्रस्त देखा। सुरक्षा शीशे का एक बड़ा हिस्सा चकनाचूर होकर नीचे गिरा हुआ था। घटना की जानकारी तुरंत सलेम टाबरी पुलिस स्टेशन को दी गई, जिसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और तकनीकी विशेषज्ञ टीमों के साथ मौके पर पहुंचे। जब पुलिस ने चौक पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली, तो उसमें सुबह लगभग 6:57 बजे एक महिला हाथ में भारी पत्थर लेकर प्रतिमा के पास पहुंचती और सीधा शीशे पर वार करती हुई साफ दिखाई दी। फुटेज के मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला की पहचान की और उसे हिरासत में ले लिया।
वाल्मीकि समाज और बसपा में भारी आक्रोश, पुलिस प्रशासन के खिलाफ जताई कड़ी नाराजगी
अंबेडकर प्रतिमा के सुरक्षा शीशे को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर आग की तरह पूरे लुधियाना शहर में फैल गई। कुछ ही देर में बसपा के जिला स्तरीय पदाधिकारी, वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधि और चौधरी यशपाल सहित कई प्रमुख सामाजिक नेता मौके पर एकत्र हो गए। वाल्मीकि समाज के नेताओं ने इस घटना को सामाजिक सौहार्द और माहौल बिगाड़ने की एक बेहद घटिया और सोची-समझी साजिश करार दिया। बहुजन समाज पार्टी और दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांग की कि इस पूरे मामले के पीछे छिपे मुख्य साजिशकर्ताओं का पर्दाफाश किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बाबा साहेब देश के संविधान निर्माता और सर्वसमाज के प्रतीक हैं, और उनकी प्रतिमा का यह अनादर किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद सुरक्षा पर खड़े हुए गंभीर सवाल
इस घटना ने लुधियाना पुलिस और स्थानीय नगर निगम की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर से गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि जालंधर बाईपास चौक पर पिछले कुछ महीनों में पहले भी विवादित और तनावपूर्ण घटनाएं घट चुकी हैं, जिसके बाद ही प्रशासन ने यहां विशेष सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए थे। बावजूद इसके सुरक्षा चक्र को भेदकर इस तरह प्रतिमा को निशाना बनाया जाना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। बसपा और वाल्मीकि समाज के नेताओं का कहना है कि केवल सीसीटीवी कैमरे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि ऐसे संवेदनशील चौकों पर 24 घंटे पुलिस पिकेट या पीसीआर वैन की स्थाई तैनाती होनी चाहिए ताकि असामाजिक तत्व ऐसी घटनाओं को अंजाम देने से पहले डरें।
आरोपी महिला की मानसिक स्थिति और पुलिस की जांच की अगली दिशा
पुलिस हिरासत में ली गई 45 वर्षीय महिला आरोपी से सलेम टाबरी थाने में गहन पूछताछ की जा रही है। प्राथमिक जांच और पुलिस अधिकारियों के बयानों के अनुसार, महिला की मानसिक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं लग रही है और उसकी मेडिकल जांच कराई जा रही है। थाना प्रभारी और एडीसीपी स्तर के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस हर पहलू से इस केस की तफ्तीश कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या महिला ने यह कदम खुद अपनी सनक में उठाया या फिर उसे किसी बाहरी व्यक्ति या समूह द्वारा भड़काकर जानबूझकर सामाजिक तनाव पैदा करने के उद्देश्य से भेजा गया था।
पूरे लुधियाना में हाई अलर्ट, पुलिस प्रशासन ने की शांति बनाए रखने की अपील
घटना के बाद उपजे सामाजिक तनाव को देखते हुए पूरे लुधियाना शहर, खासकर जालंधर बाईपास और सलेम टाबरी क्षेत्र में पुलिस की गश्त काफी बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या अप्रिय घटना को फैलने से रोका जा सके। पुलिस कमिश्नरेट लुधियाना ने आम जनता, राजनीतिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से शांति, भाईचारा और संयम बनाए रखने की अपील की है। पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिया है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।