पठानकोट : पार्टी के दौरान मारी गोली, तीन माह पहले ही सुनहरे भविष्य के सपने लेकर विदेश गया था हरजस

पठानकोट : पार्टी के दौरान मारी गोली, तीन माह पहले ही सुनहरे भविष्य के सपने लेकर विदेश गया था हरजस

पंजाब के पठानकोट से एक बेहद हृदयविदारक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। विदेश की धरती पर अपने परिवार के सुनहरे भविष्य और बेहतर करियर के सपने संजोकर गए एक युवा की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में हुई इस गोलीबारी की घटना ने न केवल मृतक के परिवार को बल्कि पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। इस মর্মান্তिक हादसे के बाद से पठानकोट के उस परिवार में कोहराम मचा हुआ है जिन्होंने अपने घर के चिराग को बमुश्किल तीन महीने पहले ही अनगिनत उम्मीदों के साथ विदेश भेजा था। इस दुखद घटना ने एक बार फिर से विदेशों में भारतीय छात्रों और प्रवासियों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं, जिससे स्थानीय समुदाय में भारी रोष और मायूसी का माहौल देखा जा रहा है।

कनाडा की धरती पर मौत का तांडव: पार्टी के दौरान हुआ खूनी संघर्ष

कनाडा से प्राप्त शुरुआती और बेहद दर्दनाक जानकारियों के अनुसार, यह पूरी घटना ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत में स्थित एक स्थान पर घटी। मृतक की पहचान पंजाब के पठानकोट जिले के अंतर्गत आने वाले सुजानपुर क्षेत्र के रहने वाले हरजस सिंह के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के वक्त हरजस वहां आयोजित एक पार्टी या गेट-टुगेदर में शामिल होने के लिए गया था। किसी मामूली बात को लेकर या आपसी रंजिश के चलते वहां अचानक कुछ अज्ञात लोगों या बदमाशों के साथ विवाद बढ़ गया। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि बदमाशों ने बिना कुछ सोचे-समझे ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। इस अचानक हुए खूनी संघर्ष और अंधाधुंध गोलीबारी में हरजस सिंह को गंभीर रूप से गोलियां लगीं, जिससे वह मौके पर ही लहूलुहान होकर गिर पड़ा और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।

महज तीन महीने पहले ही विदेश गया था हरजस, घर में पसरा मातम

मृतक हरजस सिंह के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों ने बेहद नम आंखों से जानकारी दी कि उनका बेटा हरजस अपने उज्ज्वल भविष्य की आस में बमुश्किल तीन महीने पहले ही कनाडा गया था। घर की आर्थिक स्थिति को सुधारने और अपने सपनों को साकार करने के लिए उसने विदेश की राह चुनी थी, लेकिन किसे पता था कि जिस देश में वह अपनी किस्मत आजमाने जा रहा है, वही देश उसकी कब्रगाह बन जाएगा। जैसे ही इस सनसनीखेज और दुखद हत्या की खबर पठानकोट स्थित उसके पैतृक घर पहुंची, पूरे इलाके में मातम पसर गया। नाते-रिश्तेदार और स्थानीय लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने के लिए लगातार पहुंच रहे हैं, लेकिन किसी के पास भी इस गमगीन माहौल में आंसू पोछने के अलावा कहने के लिए कोई शब्द नहीं बचा है।

विदेश में बढ़ रहे अपराध और सुरक्षा को लेकर गहरी चिंताएं

हरजस सिंह की इस निर्मम हत्या के बाद से एक बार फिर से विदेशों में रहने वाले भारतीय युवाओं और विशेषकर पंजाबी छात्रों की सुरक्षा का मुद्दा सबसे आगे आ गया है। पिछले कुछ वर्षों में कनाडा जैसे देशों में भारतीय मूल के युवाओं पर हमलों और गोलीबारी की वारदातों में लगातार इजाफा देखने को मिला है। स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि सरकार और संबंधित दूतावासों को विदेश जाने वाले युवाओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने चाहिए ताकि इस तरह के होनहार बच्चे असामाजिक तत्वों का शिकार न बनें। इस घटना ने एक तरफ जहां परिवारों के सपनों को चकनाचूर कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ विदेश भेजने के नाम पर युवाओं की जान जोखिम में पड़ने के दर्दनाक पहलू को भी उजागर कर दिया है।

शव को भारत लाने की प्रक्रिया और स्थानीय प्रशासन की भूमिका

कनाडा पुलिस इस पूरे हाई-प्रोफाइल मर्डर केस की गहराई से जांच-पड़ताल कर रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस खूनी खेल के पीछे असली वजह क्या थी और इस वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी कौन लोग थे। दूसरी ओर, पठानकोट में बैठा हरजस का परिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधि भारत सरकार तथा कनाडा स्थित भारतीय उच्चायोग से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। परिवार की सबसे बड़ी विनती यही है कि उनके लाडले के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक निवास पठानकोट पहुंचाया जा सके ताकि वे अंतिम बार अपने बेटे का चेहरा देख सकें और अपने रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कर सकें। इस पूरी घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है और हर कोई इस दुखद घड़ी में परिवार के साथ खड़ा नजर आ रहा है।