चुनाव मैदान में खलबली: पंजाब बंद के दौरान थप्पड़ कांड और भाजपा कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप
पंजाब में विभिन्न मुद्दों को लेकर बुलाए गए 'पंजाब बंद' के दौरान राज्य के कई हिस्सों में तनावपूर्ण माहौल देखने को मिला। प्रदर्शनकारियों और आम नागरिकों के बीच तीखी नोकझोक की खबरें सामने आईं। जालंधर और अन्य प्रमुख शहरों में बंद समर्थकों और आम जनता के बीच उस वक्त स्थिति बिगड़ गई जब सड़क मार्ग बाधित होने को लेकर एक कार सवार व्यक्ति और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी बहस हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि एक कार सवार को थप्पड़ जड़ने की घटना सामने आई, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालात को शांत करने और तनाव कम करने के लिए सड़क पर ही कीर्तन करने की स्थिति भी बन गई, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सुरक्षा बलों और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।
भाजपा कार्यालय को मिली बम से उड़ाने की धमकी
इस हंगामे और बंद के माहौल के बीच राजनीतिक सरगर्मी तब और तेज हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यालय को बम से उड़ाने की एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस धमकी के बाद राज्य की प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। ईमेल में विशेष रूप से 21 अगस्त के 'पंजाब बंद' और आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले संदेश भेजे गए थे। इस हाई-प्रोफाइल धमकी के बाद पुलिस और खुफिया विभाग तुरंत एक्टिव मोड में आ गए और कार्यालयों के आसपास सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया। साइबर सेल की मदद से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस तरह के दहशत फैलाने वाले संदेश के पीछे आखिर किन असामाजिक तत्वों का हाथ है।
प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों, सड़कों पर हंगामे और राजनीतिक कार्यालयों को मिल रही धमकियों ने पंजाब की कानून-व्यवस्था (Law and Order) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और आम नागरिकों का कहना है कि राज्य में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि आम जनता को परेशानियों का सामना न करना पड़े। हालांकि, पुलिस प्रशासन का दावा है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिए गए हैं। खुफिया एजेंसियां ईमेल भेजने वाले की तलाश में जुटी हैं और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि राज्य में शांति और सद्भाव बनाए रखा जा सके।