पंजाब चुनाव में AAP को किन मुद्दों पर घेरेगी कांग्रेस, कौन होगा सीएम फेस
पंजाब विधानसभा चुनावों की आहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक तापमान तेजी से बढ़ने लगा है। कांग्रेस के नवनियुक्त पंजाब मामलों के प्रभारी और वरिष्ठ नेता सचिन पायलट ने आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पार्टी की चुनावी रणनीति का पूरा खाका स्पष्ट कर दिया है।
एक विस्तृत साक्षात्कार में सचिन पायलट ने आम आदमी पार्टी की सरकार की विफलताओं पर कड़ा प्रहार किया और बताया कि कांग्रेस किन मुख्य जनमुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी। इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस में मुख्यमंत्री चेहरे (CM Face) और गुटबाजी को लेकर उठ रहे राजनीतिक सवालों का बेहद बेबाकी से जवाब देकर सभी तरह की अटकलों और अफवाहों पर पूर्णविराम लगा दिया है।
नशे का दंश, गैंगस्टरवाद और कानून-व्यवस्था की बदहाली बने प्रमुख हथियार
सचिन पायलट ने आम आदमी पार्टी की सरकार को घेरते हुए कहा कि पंजाब में पिछले साढ़े चार सालों में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है। राज्य का सबसे बड़ा संकट 'नशे का दंश' (ड्रग्स की समस्या) और बढ़ता 'गैंगस्टर कल्चर' है।
पायलट ने आरोप लगाया कि पंजाब में आज नशे के कारोबारियों, माफियाओं और प्रशासनिक तंत्र के बीच गहरा सांठगांठ कायम हो चुका है, जहाँ भोजन की होम डिलीवरी से भी तेज गति से 'चिट्टे' की डिलीवरी हो रही है। उन्होंने एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत अपराधों में देश में दूसरे स्थान पर पहुँच चुका है।
इसके साथ ही उन्होंने जेलों में बंद अपराधियों और बाहर सक्रिय उनके शूटरों के बीच बढ़ते नेक्सस, रंगदारी की धमकियों, गोलीबारी, दलितों पर अत्याचार और कृषि संकट जैसे गंभीर मुद्दों को उठाकर राज्य सरकार की प्रशासनिक नाकामी पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कौन होगा कांग्रेस का सीएम फेस? सचिन पायलट का बड़ा खुलासा
पंजाब चुनावों में कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे के सवाल पर सचिन पायलट ने पार्टी का पुराना और पारंपरिक रुख पूरी तरह साफ कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी भी एक व्यक्ति को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में पेश करके चुनाव लड़ने के बजाय पूरी तरह से एक संगठित 'टीम वर्क' के साथ मैदान में उतरेगी।
पायलट ने कहा, "हमारे पास प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष और विधानसभा में विधायक दल के नेता होते हैं। जब पार्टी विपक्ष में होती है, तो सभी वरिष्ठ नेता एक साथ मिलकर और एक टीम के रूप में काम करते हैं। हमारी प्राथमिकता टीम की एकजुटता से चुनाव जीतना है, और चुनाव परिणाम आने के बाद ही पार्टी आलाकमान, नवनिर्वाचित विधायक और केंद्रीय नेतृत्व मिलकर यह तय करेगा कि किसे क्या जिम्मेदारी दी जाएगी।"
गुटबाजी की खबरों पर विराम और मुख्य मुकाबले का समीकरण
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी की खबरों को पूरी तरह से नकारते हुए सचिन पायलट ने कहा कि संगठन में समय-समय पर बदलाव होना एक सामान्य और प्रशासनिक प्रक्रिया है। आज पूरी पार्टी एकजुट होकर आम आदमी पार्टी की जनविरोधी नीतियों और विफलता के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
उन्होंने पंजाब के राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा करते हुए कहा कि मुख्य मुकाबला केवल 'आप' और कांग्रेस के बीच ही है। भाजपा का पंजाब में कोई जनाधार नहीं है और शिरोमणि अकाली दल अपने अंदरूनी बिखराव और चुनौतियों से जूझ रहा है। 2024 के लोकसभा चुनावों में पंजाब की 13 में से 7 सीटें जीतकर कांग्रेस ने साबित कर दिया था कि पंजाब की जनता बदलाव चाहती है और कांग्रेस ही राज्य को एक स्थिर व सुरक्षित शासन दे सकती है।
जमीनी अभियानों और रैलियों के जरिए जनता के बीच पहुँचने का मास्टरप्लान
पंजाब कांग्रेस ने राज्य के प्रत्येक जिले में सीधे जनता से जुड़ने का व्यापक अभियान शुरू किया है। सचिन पायलट खुद राज्यभर का दौरा कर रहे हैं और गैंगवार व नशे से प्रभावित पीड़ित परिवारों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर रहे हैं।
पार्टी का लक्ष्य केवल राजनीतिक रैलियां करना नहीं है, बल्कि पीड़ित परिवारों और व्यापारियों को सुरक्षा की गारंटी महसूस कराना है। कांग्रेस नेतृत्व का दावा है कि पंजाब के किसान, युवा और व्यापारी वर्ग इस समय अपने भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं और चुनाव आने पर राज्य की जनता वर्तमान सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर फिर से कांग्रेस की सरकार बनाने जा रही है।