पंजाब के सीएम भगवंत मान के OSD राजबीर घुमन पर शिकंजा
चंडीगढ़ और पंजाब की राजनीतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के विशेष कार्य अधिकारी (OSD) राजबीर सिंह घुमन पर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। जांच एजेंसी सीबीआई ने भ्रष्टाचार और से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में कड़ा कदम उठाते हुए राजबीर घुमन के आवास के मुख्य गेट पर दूसरा कानूनी नोटिस चस्पा (पॉइंट आउट/पेस्ट) कर दिया है। लगातार समन भेजने के बावजूद जांच में शामिल न होने के बाद सीबीआई ने यह सख्त कार्रवाई की है, जिसके बाद से पंजाब की सियासत में भूचाल आ गया है और विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला और क्यों सीबीआई के रडार पर आए सीएम भगवंत मान के ओएसडी राजबीर घुमन?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा हाई-प्रोफाइल मामला कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताओं, प्रशासनिक पदों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई को कुछ ऐसे पुख्ता सुबूत और शिकायतें मिली थीं जिनमें ओएसडी राजबीर घुमन की संलिप्तता की ओर इशारा किया जा रहा था। पिछले कुछ हफ्तों से सीबीआई लगातार राजबीर घुमन से पूछताछ करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन उनके लगातार अनुपस्थित रहने और जांच में सहयोग न करने के कारण एजेंसी को यह सख्त रुख अपनाना पड़ा। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े किसी करीबी अधिकारी पर इस तरह की केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई होना पंजाब सरकार के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
घर के बाहर सीबीआई द्वारा नोटिस चस्पा करने की पूरी अंदरूनी कहानी
आज सुबह सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों और जांच टीम की एक टुकड़ी अचानक राजबीर घुमन के आवास पर पहुंची। जब अधिकारियों ने पाया कि घर पर ताला बंद है या आरोपी सीधे तौर पर संपर्क में नहीं आ रहा है, तो कानून की निर्धारित प्रक्रिया के तहत सीबीआई ने उनके घर के मुख्य दरवाजे पर दूसरा कानूनी नोटिस चस्पा कर दिया। इस नोटिस में साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि राजबीर घुमन तय समय सीमा के भीतर सीबीआई के समक्ष पेश होकर अपना बयान दर्ज कराएं, अन्यथा अदालत के माध्यम से उनके खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं। इस घटना की भनक लगते ही मीडिया और स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं की भीड़ उनके घर के बाहर जमा हो गई।
पंजाब की सियासत में मचा घमासान, विपक्षी दलों ने सीएम भगवंत मान से मांगा इस्तीफा
इस बड़ी कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टियों (कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल) ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि जो पार्टी भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का दावा करती थी, उसी के मुख्यमंत्री कार्यालय के सबसे करीबी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं और वे जांच से भाग रहे हैं। विपक्षी दलों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को इस मामले पर नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तुरंत स्पष्टीकरण देना चाहिए और राजबीर घुमन को पद से बर्खास्त कर कानून के हवाले करना चाहिए।
आगे क्या होगी कानूनी कार्रवाई और क्या गिरफ्तारी की ओर बढ़ रही है सीबीआई?
कानूनी विशेषज्ञों और जानकारों का मानना है कि सीबीआई द्वारा दूसरा नोटिस चस्पा किए जाने का साफ मतलब है कि जांच एजेंसी अब ओएसडी राजबीर घुमन पर कानूनी शिकंजा कसने के अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यदि वे तय समय के भीतर जांच में शामिल नहीं होते हैं, तो सीबीआई अदालत से गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी करवा सकती है और उनकी तलाश में देश भर में छापेमारी भी तेज की जा सकती है। पंजाब के प्रशासनिक और राजनीतिक इतिहास में यह घटना एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित होने जा रही है, क्योंकि किसी मौजूदा मुख्यमंत्री के ओएसडी पर इस तरह की केंद्रीय जांच का शिकंजा कसा जाना सरकार की प्रशासनिक साख पर बड़ा सवालिया निशान लगाता है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी संभावना है।