बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में जासूसी कैमरे के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, सेना की खुफिया गतिविधियों पर थी नजर
पंजाब के बठिंडा से देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई है। पंजाब पुलिस और सैन्य खुफिया एजेंसी (Military Intelligence) के एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान बठिंडा मिलिट्री स्टेशन के आसपास सक्रिय एक हाई-टेक जासूसी कैमरा नेटवर्क का पर्दाफाश किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों को धर दबोचा है। ये आरोपी देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक 'बठिंडा मिलिट्री स्टेशन' के आसपास गुप्त कैमरे लगाकर भारतीय सेना की रणनीतिक गतिविधियों, हथियारों की आवाजाही और जवानों के मूवमेंट पर पैनी नजर रख रहे थे। इस खुलासे के बाद देश की तमाम शीर्ष सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है।
सैन्य छावनी के प्रतिबंधित इलाकों के पास बिछाया था कैमरों का जाल प्रारंभिक जांच और पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों ने बठिंडा मिलिट्री स्टेशन की बाहरी दीवारों और संवेदनशील रास्तों को कवर करते हुए अत्याधुनिक हिडन कैमरे (Hidden Cameras) स्थापित किए थे। इन जासूसी कैमरों का नेटवर्क इस तरह डिजाइन किया गया था कि सेना की हर छोटी-बड़ी गतिविधि की लाइव रिकॉर्डिंग और तस्वीरें सीधे तौर पर डेटा सर्वर तक पहुंच रही थीं। खुफिया एजेंसियों को शक है कि इस नेटवर्क के जरिए जुटाया गया संवेदनशील डेटा सीमा पार यानी पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) या किसी अन्य देश विरोधी नेटवर्क को भेजा जा रहा था। सुरक्षा बलों ने मौके से कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, राउटर और जासूसी उपकरण बरामद किए हैं।
ज्वाइंट ऑपरेशन में दबोचे गए आरोपी, सीमा पार कनेक्शन की आशंका सेना के अधिकारियों को पिछले कुछ दिनों से मिलिट्री स्टेशन के आसपास कुछ संदिग्ध गतिविधियों की इनपुट मिल रही थी। इसके बाद पंजाब पुलिस के विशेष विंग और मिलिट्री इंटेलिजेंस ने मिलकर एक जाल बिछाया। कड़ियों को जोड़ते हुए सुरक्षा बल सीधे उन ठिकानों तक पहुंचे जहां से इस जासूसी रैकेट को ऑपरेट किया जा रहा था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल खातों की फॉरेंसिक जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन आरोपियों को इस काम के लिए फंडिंग कहां से हो रही थी और इनके बैंक खातों में विदेशी स्रोतों से पैसे ट्रांसफर किए गए हैं या नहीं।
बठिंडा मिलिट्री स्टेशन की संवेदनशीलता और सुरक्षा का कड़ा पहरा भौगोलिक और रणनीतिक दृष्टिकोण से बठिंडा मिलिट्री स्टेशन भारतीय सेना का एक बेहद महत्वपूर्ण बेस है, जो भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के काफी नजदीक है। यहां सेना की कई महत्वपूर्ण यूनिट्स और बख्तरबंद रेजिमेंट तैनात हैं। ऐसे में इस ठिकाने की जासूसी का प्रयास देश की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा माना जा रहा है। इस घटना के बाद बठिंडा छावनी और उसके आसपास के नागरिक इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। मिलिट्री स्टेशन के आसपास रहने वाले किराएदारों और संदिग्ध दुकानों का वेरिफिकेशन प्रोसेस भी नए सिरे से शुरू कर दिया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों का हाई अलर्ट, स्थानीय लोगों के लिए पुलिस की अपील इस बड़े जासूसी नेटवर्क के भंडाफोड़ के बाद बठिंडा पुलिस प्रशासन ने स्थानीय निवासियों, होटल मालिकों और दुकानदारों के लिए एक विशेष अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने अपील की है कि यदि सेना के प्रतिबंधित क्षेत्र के आसपास कोई भी अज्ञात व्यक्ति संदिग्ध उपकरण लगाते हुए, वीडियोग्राफी करते हुए या बिना वजह घूमते हुए दिखाई दे, तो उसकी सूचना तुरंत कंट्रोल रूम को दें। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और आरोपियों के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट (Official Secrets Act) और देशद्रोह की गंभीर धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।