हरभजन सिंह ने पंजाब के मौजूदा हालात पर जताई चिंता
पंजाब की राजनीति और सामाजिक आबोहवा में इस वक्त जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। पूर्व दिग्गज भारतीय क्रिकेटर और वर्तमान राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने राज्य की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (ट्विटर) पर एक संवेदनशील वीडियो क्लिप साझा करते हुए भज्जी ने पंजाब के वर्तमान परिदृश्य पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। उन्होंने सख्त शब्दों में कहा कि पंजाब के नागरिक शांति, सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय के पूर्ण हकदार हैं, जिसकी अनदेखी किसी भी कीमत पर नहीं की जानी चाहिए।
मानसा की दर्दनाक घटना पर छलका हरभजन सिंह का दर्द
हरभजन सिंह ने जो वीडियो साझा किया है, वह पंजाब के मानसा जिले में 35 वर्षीय युवक दलजीत सिंह की संदिग्ध मौत और उसके बाद भड़के जनआक्रोश से जुड़ा हुआ है। शुरुआत में इस मामले को नशे की ओवरडोज से जोड़कर देखा जा रहा था, जिसके बाद गुस्साए परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालांकि, मानसा पुलिस के अनुसार, युवक की हत्या कर शव को कार से फेंका गया था और इस संदर्भ में भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। इस घटनाक्रम ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है।
राज्य सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर उठे सीधे सवाल
सांसद हरभजन सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि राज्य में लगातार घट रही इस प्रकार की हिंसक और संवेदनशील घटनाएं व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग जिम्मेदारी और सत्ता के पदों पर बैठे हैं, उन्हें जनता के प्रति पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होना होगा। सरकार का यह प्राथमिक कर्तव्य है कि वह अपने प्रत्येक नागरिक के जीवन की रक्षा करे। वहीं, पंजाब पुलिस को भी कानून के दायरे में रहते हुए हर आम और खास व्यक्ति के मूल अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
पंजाब के उज्ज्वल भविष्य और शांति के लिए एकजुटता की अपील
अपने इस भावुक और तीखे संदेश के अंत में हरभजन सिंह ने राज्य के सभी नागरिकों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमारे पंजाब की महान विरासत, शांति, गरिमा और भविष्य की रक्षा के लिए हम सभी को एक साथ मिलकर खड़ा होना होगा। भज्जी की इस टिप्पणी के सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और विपक्षी दल भी सरकार को कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर घेरने में जुट गए हैं।