₹3100 प्रति क्विंटल MSP और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से होगी रिकॉर्ड खरीद
धान उत्पादक किसानों के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक और बेहद राहत भरा फैसला लिया है। चालू खरीफ विपणन सीजन के दौरान किसानों को उनकी उपज का भरपूर और वाजिब दाम दिलाने के उद्देश्य से धान का समर्थन मूल्य बढ़ाकर ₹3100 प्रति क्विंटल तय कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रति एकड़ खरीद की सीमा को भी बढ़ाकर 21 क्विंटल कर दिया गया है, जिससे छोटे और बड़े सभी किसानों को अपनी पूरी फसल बेचने का पूरा अवसर मिलेगा। किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और खरीदी केंद्रों पर लंबी कतारों से बचाया जा सके, इसके लिए राज्यभर में 360 नए आधुनिक धान खरीदी केंद्र खोलने की भी मंजूरी दे दी गई है।
धान बिक्री के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन प्राप्त करने की पूरी प्रक्रिया और जरूरी नियम
खरीदी केंद्रों पर होने वाली भीड़भाड़ को नियंत्रित करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की गई है। किसान अपनी सुविधा अनुसार मोबाइल ऐप, विभागीय पोर्टल अथवा नजदीकी खरीदी केंद्र पर जाकर टोकन प्राप्त कर सकते हैं। टोकन जनरेट करने के लिए किसानों को अपना पंजीकृत किसान कोड, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी दर्ज करनी होगी। टोकन में धान लाने की निर्धारित तारीख और समय अंकित रहेगा, जिससे किसानों को केंद्र पर जाकर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा। जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन किसानों ने अपना पंजीयन पूरा कर लिया है, केवल वही टोकन प्राप्त करने के पात्र होंगे।
360 नए धान खरीदी केंद्रों की स्थापना से किसानों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा और समय की बचत
दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए कई किलोमीटर दूर न जाना पड़े, इसके लिए सरकार ने 360 नए खरीदी केंद्र तुरंत प्रभाव से चालू कर दिए हैं। इन केंद्रों पर तौल-कांटे, कंप्यूटर सिस्टम, छाया और पीने के पानी की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। नए केंद्र खुलने से नजदीकी मंडियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव समाप्त हो जाएगा और किसानों के परिवहन खर्च में भी भारी बचत होगी। प्रत्येक केंद्र पर नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है ताकि किसानों को टोकन सत्यापन या तौल के समय किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक समस्या का सामना न करना पड़े।
₹3100 MSP और 21 क्विंटल प्रति एकड़ सीमा का किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर असर
धान की MSP ₹3100 प्रति क्विंटल किए जाने और प्रति एकड़ 21 क्विंटल की सीमा तय होने से किसानों की आर्थिक स्थिति में भारी सुधार देखने को मिलेगा। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीतिगत फैसले से सीधे तौर पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और किसानों को बिचौलियों या स्थानीय आढ़तियों के पास कम दाम पर फसल बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। सरकार ने यह भी आश्वस्त किया है कि धान की तुलाई के बाद 48 से 72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों (DBT) में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
टोकन लेते समय किसान रखें इन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान और कराएं बायोमेट्रिक सत्यापन
धान बेचने जा रहे किसानों को सलाह दी गई है कि वे टोकन प्राप्त करते समय अपनी फसल की नमी और गुणवत्ता की जांच पहले ही सुनिश्चित कर लें। खरीदी केंद्र पर पहुंचते समय किसान अपने साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर, टोकन की प्रति, आधार कार्ड और पासबुक की छायाप्रति अवश्य लेकर जाएं। केंद्र पर किसान या उसके पंजीकृत प्रतिनिधि का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा जिसके बाद ही धान की तुलाई शुरू होगी। किसी भी प्रकार की धांधली या शिकायत के निवारण के लिए जिला स्तर पर टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं।