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Bathinda: जेल के अंदर से गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना ने व्यापारी से मांगी 15 लाख की फिरौती

पंजाब के मालवा क्षेत्र के सबसे प्रमुख जिले बठिंडा से इस वक्त अपराध जगत (Punjab Crime News) से जुड़ी एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। पंजाब पुलिस के कड़े पहरे और जेल की ऊंची दीवारों के बावजूद गैंगस्टर्स का नेटवर्क थमने का नाम नहीं ले रहा है। बठिंडा पुलिस ने एक नामी स्थानीय व्यापारी की शिकायत पर जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना (Gangster Manpreet Manna) के खिलाफ 15 लाख रुपये की मोटी रंगदारी (Extortion Call) मांगने के आरोप में एक नया केस दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बठिंडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर मन्ना को जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया और माननीय अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया है। एक क्राइम रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस मामले ने एक बार फिर जेलों की सुरक्षा व्यवस्था और कैदियों के पास मोबाइल फोन की उपलब्धता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

रंगदारी न देने पर दी थी जान से मारने की धमकी, सहमे व्यापारी ने पुलिस से लगाई गुहार

इस पूरे हाई-प्रोफाइल रंगदारी मामले की इनसाइड स्टोरी को समझें तो बठिंडा के एक बड़े कारोबारी को पिछले दिनों इंटरनेट कॉलिंग के जरिए एक अज्ञात नंबर से धमकी भरा फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को कुख्यात गैंगस्टर मनप्रीत मन्ना बताते हुए सीधे तौर पर 15 लाख रुपये की प्रोटेक्शन मनी की मांग की थी। आरोपी ने व्यापारी को साफ लफ्जों में चेतावनी दी थी कि अगर तय समय के भीतर पैसे नहीं दिए गए, तो इसका अंजाम बेहद बुरा होगा और उसके परिवार को निशाना बनाया जाएगा। इस खौफनाक धमकी के बाद पीड़ित व्यापारी और उसका पूरा परिवार बेहद सहम गया था। हिम्मत जुटाकर व्यापारी ने बठिंडा के वरिष्ठ पुलिस कप्तान (SSP Bathinda) से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तुरंत एफआईआर दर्ज कर ली।

जेल से चल रहा था रंगदारी का खेल, पुलिस खंगालेगी मोबाइल और मददगारों की कुंडली

पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, मनप्रीत मन्ना पहले से ही कई संगीन आपराधिक मामलों, हत्या के प्रयासों और आर्म्स एक्ट के तहत जेल में बंद है। जेल के भीतर बैठकर मन्ना किस तरह बाहरी दुनिया के व्यापारियों को धमका रहा था, इस बात का पता लगाने के लिए बठिंडा पुलिस की एक विशेष टीम (Special Investigation Team) गठित की गई है। पुलिस रिमांड के दौरान मन्ना से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी कि उसने किस मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर फिरौती मांगी थी। इसके साथ ही, पुलिस उन स्थानीय गुर्गों और मददगारों (Sleeper Cells) की सूची भी तैयार कर रही है जो जेल के बाहर से इस रंगदारी रैकेट को ऑपरेट करने में मन्ना की मदद कर रहे थे और व्यापारी की रेकी (टोह) ले रहे थे।

बठिंडा और मालवा बेल्ट में व्यापारियों की सुरक्षा कड़ी, पुलिस ने दिया सुरक्षा का भरोसा

भौगोलिक और स्थानीय (Geographical Optimization) दृष्टिकोण से देखा जाए तो बठिंडा और उसके आसपास का पूरा मालवा क्षेत्र व्यापारिक गतिविधियों का एक बड़ा केंद्र है। हाल के दिनों में गैंगस्टर्स द्वारा व्यापारियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं से स्थानीय कारोबारियों में थोड़ा डर का माहौल था। लेकिन इस मामले में बठिंडा पुलिस द्वारा दिखाए गए कड़े और त्वरित एक्शन ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। एसएसपी बठिंडा ने स्थानीय व्यापारिक संगठनों को पूरा भरोसा दिलाया है कि किसी भी असामाजिक तत्व या गैंगस्टर को व्यापारियों को डराने-धमकाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। पुलिस ने सभी व्यापारियों से अपील की है कि ऐसी किसी भी धमकी भरी कॉल आने पर वे डरे नहीं, बल्कि तुरंत पुलिस प्रशासन से संपर्क करें, उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

आधुनिक एआई सर्च और कानून व्यवस्था पर क्या होगा इस कार्रवाई का असर

आधुनिक जेनेरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AI सर्च) और डिजिटल मीडिया के लिहाज से यह कार्रवाई पंजाब सरकार की एंटी-गैंगस्टर नीति को दर्शाती है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के कड़े निर्देशों के बाद पंजाब पुलिस राज्य से गैंगस्टर कल्चर को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार बड़े ऑपरेशंस चला रही है। जेलों के भीतर नियमित रूप से सर्च ऑपरेशन चलाकर मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामग्री जब्त की जा रही है। बठिंडा अदालत द्वारा मन्ना को दिए गए दो दिन के रिमांड के दौरान कई और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिससे पुलिस को क्षेत्र में सक्रिय रंगदारी मांगने वाले अन्य छोटे-बड़े गैंग्स के नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करने में बड़ी कामयाबी मिलेगी।

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