सब ठीक है, उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं': रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला इंस्पेक्टर

सब ठीक है, उतार-चढ़ाव चलते रहते हैं': रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ी गई महिला इंस्पेक्टर

कानून की रक्षा करने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर होती है, जब वही रखवाले भ्रष्टाचार के दलदल में लिप्त पाए जाएं, तो पूरी प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। पंजाब के मोगा जिले से एक ऐसा ही सनसनीखेज और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां कोट इसे खां थाने की एसएचओ (SHO) और महिला इंस्पेक्टर सुनीता बावा (Inspector Sunita Bawa) को राज्य के विजिलेंस ब्यूरो ने 50,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में तो हड़कंप मचा ही है, लेकिन उससे भी ज्यादा चर्चा उस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो की हो रही है जिसमें गिरफ्तारी के बाद यह महिला इंस्पेक्टर पूरी तरह बेफिक्र और मुस्कुराते हुए नजर आ रही है। मीडिया के कैमरों के सामने जब उससे इस शर्मनाक कार्रवाई को लेकर सवाल पूछा गया, तो उसने बेहद लापरवाही और बेशर्मी से जवाब दिया कि "सब ठीक है, जिंदगी में उतार-चढ़ाव तो चलते रहते हैं।" एक लोक सेवक के मुंह से इस तरह के बेपरवाह बोल सुनकर हर कोई दंग रह गया है।

जानिए क्या है पूरा मामला और किस तरह विजिलेंस ब्यूरो के जाल में फंसी एसएचओ सुनीता बावा

यह पूरा मामला मोगा जिले के कोट इसे खां पुलिस स्टेशन से जुड़ा हुआ है, जहां इंस्पेक्टर सुनीता बावा बतौर थाना प्रभारी तैनात थीं। जानकारी के मुताबिक, स्थानीय पुलिस ने कुछ समय पहले एक व्यक्ति को एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) यानी नशीले पदार्थों के मामले में गिरफ्तार किया था। इसी मामले को और अधिक उलझाने या किसी अन्य व्यक्ति को मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर थाना प्रभारी सुनीता बावा द्वारा कथित तौर पर भारी-भरकम रिश्वत की डिमांड की जा रही थी। पीड़ित व्यक्ति लगातार पुलिस अधिकारियों के चक्कर काट रहा था, लेकिन जब बात हद से बढ़ गई तो उसने इसकी आधिकारिक शिकायत पंजाब स्टेट विजिलेंस ब्यूरो (Vigilance Bureau) से कर दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की फिरोजपुर रेंज की टीम ने पूरी योजना बनाई और एक ट्रैप बिछाया। योजना के मुताबिक जब रिश्वत की 50 हजार रुपये की रकम पहुंचाई जा रही थी, तब विजिलेंस की टीम ने इंस्पेक्टर सुनीता बावा और उनके गनमैन (होमगार्ड जवान) को रंगे हाथों दबोच लिया।

गिरफ्तारी के वक्त महिला इंस्पेक्टर के चेहरे पर नहीं थी शिकन, वायरल हुआ वीडियो

भ्रष्टाचार के मामलों में पकड़े जाने के बाद आमतौर पर आरोपियों के चेहरे पर खौफ और पछतावा साफ देखा जा सकता है, लेकिन इंस्पेक्टर सुनीता बावा के मामले में इसका बिल्कुल उलट नजारा देखने को मिला। विजिलेंस टीम द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद जब मीडिया के कैमरे और सवाल उनके सामने आए, तो उनके चेहरे पर शिकन की जगह एक अजीब सी मुस्कान तैर रही थी। पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि वह इस हालत में भी कैसे मुस्कुरा सकती हैं और उनके ऊपर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप है, तो उन्होंने बहुत ही सहज अंदाज में कहा कि "हिम्मत रखनी चाहिए, उतार-चढ़ाव तो जिंदगी का हिस्सा हैं और चलते रहते हैं, सब ठीक हो जाएगा।" उनका यह वीडियो इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जंगल की आग की तरह फैल गया है। आम जनता से लेकर कानून के जानकारों तक ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई है कि खाकी वर्दी पहनने वाले अधिकारियों में अब कानून का डर किस हद तक खत्म हो चुका है कि पकड़े जाने के बाद भी उनके भीतर कोई गिल्ट या पछतावा नजर नहीं आता।

पुलिस विभाग में बढ़ते भ्रष्टाचार और सिस्टम पर उठते गंभीर सवाल

एक थाने के इंचार्ज पद पर बैठकर इस तरह खुलेआम रिश्वतखोरी करना और फिर पकड़े जाने के बाद बेखौफ बयानबाजी करना यह साफ दर्शाता है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो चुकी हैं। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो अब इस बात की भी गहराई से जांच कर रहा है कि क्या इस थाने में पहले भी इस तरह के मामलों में अवैध वसूली की गई है या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा था। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उन्हें अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आम जनता न्याय के लिए जब पुलिस के पास जाती है, तो उसे सुरक्षा मिलने के बजाय किस तरह उत्पीड़न और अवैध वसूली का सामना करना पड़ता है।