परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में सीबीआई ने संभाली कमान
पंजाब के मानसा जिले में चर्चित नशा विरोधी कार्यकर्ता और एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा (Parvinder Singh Jhota) की हत्या का मामला अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय जांच एजेंसी तक पहुंच चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के कड़े भरोसे के ठीक कुछ ही घंटों बाद केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एक विशेष टीम एक्शन मोड में मानसा पहुंच गई। सीबीआई ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में अपनी आधिकारिक एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है और स्थानीय पुलिस से केस से जुड़े तमाम अहम दस्तावेज, फाइलें और डिजिटल सबूत अपने कब्जे में ले लिए हैं। इस त्वरित और बड़े एक्शन के बाद से राज्य के राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक तंत्र में हलचल काफी तेज हो गई है।
CBI Team Reaches Mansa: मानसा पहुंचकर सीबीआई ने स्थानीय पुलिस से ली केस की फाइलें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिल्ली से आई सीबीआई की पांच सदस्यीय विशेष टीम सीधे मानसा सिटी-2 पुलिस स्टेशन पहुंची और कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए जांच की कमान अपने हाथों में ले ली। इस हत्याकांड के तूल पकड़ने के बाद से ही पीड़ित परिवार और विभिन्न सामाजिक संगठनों की यह मांग थी कि मामले की गहराई तक जाने के लिए निष्पक्ष केंद्रीय जांच जरूरी है। सीबीआई की टीम अब इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि घटना से ठीक पहले मुख्य आरोपी के संपर्क में कौन-कौन लोग थे और इसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। इसके साथ ही, घटनास्थल का दौरा करने के साथ-साथ इस गोलीबारी की घटना में घायल हुए अन्य लोगों और चश्मदीदों के बयान भी दोबारा दर्ज किए जा रहे हैं।
Amit Shah's Assurance and Political Ripple Effects: गृह मंत्री के दौरे और कड़े संदेश के बाद मिला गति
बता दें कि हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब के दौरे पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने परविंदर सिंह झोटा के शोकसंतप्त परिवार से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया था और न्याय का भरोसा दिलाया था। परिवार और एक्शन कमेटी की लगातार मांग तथा बढ़ते राजनीतिक दबाव के चलते राज्य सरकार ने पहले ही इस हाई-प्रोफाइल केस को सीबीआई को ट्रांसफर करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया था। गृह मंत्री के दौरे के महज कुछ ही घंटों के भीतर सीबीआई टीम का एक्टिव होना और एफआईआर दर्ज करके जांच शुरू करना इस बात का संकेत है कि इस मामले की जांच अब बेहद तेज गति से आगे बढ़ाई जाएगी ताकि तय समयसीमा के भीतर सच्चाई सामने आ सके।
Background of the Murder and Drug Nexus: क्या था पूरा मामला और कैसे हुआ था यह दर्दनाक हादसा
यह पूरा खौफनाक वाकया 13 अक्टूबर को उस समय सामने आया था जब नशा विरोधी मुहिम चलाने वाले परविंदर सिंह झोटा एक मेडिकल स्टोर के पास पहुंचे थे। आरोप था कि उस केमिस्ट की दुकान से प्रतिबंधित और नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री की जा रही थी, जिसका परविंदर ने पुरजोर विरोध किया था। इसी तीखी बहस और विरोध के दौरान आरोपी केमिस्ट ने कथित तौर पर गोली चला दी, जिससे गंभीर रूप से घायल होने के कारण परविंदर की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पूरे पंजाब में रोष फैल गया था और जगह-जगह प्रदर्शन हुए थे। अब सीबीआई के जांच अपने हाथ में लेने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस पूरे ड्रग नेक्सस और हत्या के असली गुनाहगारों तक कानून का शिकंजा बहुत जल्द कसेगा।