बीजेपी पर जमकर बरसे कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस में वापसी की अटकलें तेज तो आप ने बताया मौकापरस्त

बीजेपी पर जमकर बरसे कैप्टन अमरिंदर सिंह, कांग्रेस में वापसी की अटकलें तेज तो आप ने बताया मौकापरस्त

पंजाब की राजनीति के गलियारों से इस वक्त एक ऐसी धमाकेदार और सियासी भूचाल लाने वाली खबर सामने आ रही है, जिसने राज्य के राजनीतिक तापमान को अचानक बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज राजनेता कैप्टन अमरिंदर सिंह (Captain Amarinder Singh) ने एक बार फिर अपने बयानों से सभी राजनीतिक दलों को सकते में डाल दिया है। कुछ समय पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामने वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी के भीतर अपनी उपेक्षा और सुस्त रवैये पर खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर की है। अपने चिर-परिचित आक्रामक और बेबाक अंदाज में उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब देते हुए कहा कि 'मैं 84 साल का हूं, लेकिन न तो बूढ़ा हुआ हूं और न ही राजनीति से रिटायर हुआ हूं।' उनके इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा बहुत तेज हो गई है कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह जल्द ही बीजेपी का साथ छोड़कर अपनी पुरानी पार्टी कांग्रेस (Congress) में घर वापसी कर सकते हैं या फिर वे कोई नया राजनीतिक दांव चलने की तैयारी में हैं। इस बीच, आम आदमी पार्टी (AAP) ने उन पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें 'मौकापरस्त' करार दिया है, जिससे पंजाब का सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह का राजनीतिक सफर हमेशा से रोमांचक और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। पटियाला के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले और सेना की नौकरी छोड़कर राजनीति में आए कैप्टन को पंजाब की राजनीति का एक ऐसा चाणक्य माना जाता है जो हर परिस्थिति में अपने पासे फेंकना अच्छी तरह जानता है। जब उन्होंने कांग्रेस पार्टी से अनबन के बाद अपनी अलग पार्टी बनाकर बीजेपी से गठबंधन किया था, तब इसे पंजाब में एक बहुत बड़ा राजनीतिक फेरबदल माना गया था। लेकिन पिछले कुछ समय से राज्य की राजनीति में बीजेपी की पकड़ और अपनी सक्रियता को लेकर कैप्टन के तेवर जिस तरह से बदले हैं, उसने तमाम राजनीतिक विश्लेषकों को नए समीकरणों पर विचार करने के लिए मजबूर कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस नए बयान के क्या मायने हैं, कांग्रेस में वापसी की चर्चाओं में कितना दम है और अन्य दलों की इस पर क्या प्रतिक्रिया आई है।

कैप्टन के तीखे तेवर और बीजेपी से नाराजगी की असली वजह क्या है?

सूत्रों के अनुसार, कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले कुछ समय से पंजाब बीजेपी के संगठनात्मक कामकाज और केंद्र सरकार द्वारा राज्य के मुद्दों पर अपनाए जा रहे रुख से पूरी तरह संतुष्ट नहीं चल रहे हैं। जब से उन्होंने और उनके परिवार के सदस्यों ने बीजेपी ज्वाइन की थी, तब से पार्टी ने उन्हें जितनी बड़ी भूमिका की उम्मीद थी, वह जमीन पर उतरती हुई नजर नहीं आई। कैप्टन जैसे कद्दावर और मास लीडर को जब साइडलाइन महसूस होने लगा, तो उन्होंने अपने बयानों के जरिए पार्टी हाईकमान को अपनी ताकत का अहसास कराना शुरू कर दिया है। 'मैं 84 का हूं, पर बूढ़ा नहीं' वाला उनका यह बयान सीधे तौर पर उन तमाम राजनीतिक विरोधियों और आलोचकों के लिए एक चेतावनी है जो यह मान बैठे थे कि अब वे सक्रिय राजनीति से संन्यास ले चुके हैं। पंजाब की राजनीति में आज भी उनका एक खास वर्ग और व्यक्तिगत प्रभाव है, जिसे नकारा नहीं जा सकता है।

कांग्रेस में वापसी की चर्चाएं और आम आदमी पार्टी का तीखा हमला

जैसे ही कैप्टन अमरिंदर सिंह के तेवर बीजेपी के प्रति सख्त हुए, दिल्ली और चंडीगढ़ के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोर पकड़ने लगी कि कैप्टन साहब एक बार फिर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के संपर्क में हैं और अपनी पुरानी पार्टी में वापसी की जमीन तलाश रहे हैं। हालांकि, कांग्रेस के कई स्थानीय नेता इस पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने मुलाकातों का दौर शुरू होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। दूसरी ओर, पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) ने कैप्टन अमरिंदर सिंह पर करारा प्रहार करते हुए उन्हें 'मौकापरस्त' नेता करार दिया है। आप नेताओं का कहना है कि कैप्टन हमेशा सत्ता और अपनी सुविधा के हिसाब से पार्टियां बदलते हैं और पंजाब की जनता उन्हें अच्छी तरह पहचान चुकी है। जैसे-जैसे पंजाब में आगामी राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं, कैप्टन अमरिंदर सिंह का यह नया रुख आने वाले दिनों में और बड़े राजनीतिक धमाकों का संकेत दे रहा है।

जल्द ही इस राजनीतिक घटनाक्रम पर और नए अपडेट सामने आ सकते हैं, जिस पर हमारी पैनी नजर बनी हुई है।