अमृतसर : 15 आधुनिक पिस्तौल और 5 किलो हेरोइन के साथ दो अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार
सीमावर्ती राज्य पंजाब में आपराधिक नेटवर्क, ड्रग्स के काले कारोबार और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे निर्णायक अभियानों के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक खुफिया और पुख्ता इनपुट के आधार पर की गई त्वरित कार्रवाई में सीमा पार से संचालित होने वाले हथियारों और नशीले पदार्थों के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो कुख्यात तस्करों को धर दबोचा है। पकड़े गए इन आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने करीब 5 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता की हेरोइन और विदेशी मार्के के 15 अत्याधुनिक अवैध पिस्तौल बरामद किए हैं, जिनकी अंतरराष्ट्रीय और काले बाजार में कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद से पंजाब के सुरक्षा हलकों में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह खेप राज्य के भीतर किसी बड़ी और खतरनाक आपराधिक वारदात को अंजाम देने के लिए लाई जा रही थी। आधुनिक जनरेटिव एआई सर्च, एईओ और एसईओ गाइडलाइन्स को पूरी तरह से ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस विस्तृत आर्टिकल में हम आपको अमृतसर में हुई इस बड़ी कार्रवाई और तस्करी के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के हर एक राज से पर्दा उठाने जा रहे हैं।
अमृतसर पुलिस का खुफिया ऑपरेशन: कैसे जाल बिछाकर धरा गया हथियारों और ड्रग्स का यह खतरनाक सिंडिकेट
पंजाब के पुलिस महानिदेशक और अमृतसर कमिश्नरेट के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को पिछले कुछ हफ्तों से लगातार यह गुप्त सूचना मिल रही थी कि सीमावर्ती इलाकों के जरिए ड्रोन या अन्य गुप्त माध्यमों से भारी मात्रा में हथियारों और ड्रग्स की खेप भारतीय सीमा में भेजी जा रही है। इस संवेदनशील इनपुट पर गंभीरता से काम करते हुए अमृतसर पुलिस की विशेष एंटी-नार्कोटिक्स और काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने एक संयुक्त ऑपरेशन की रूपरेखा तैयार की और संदिग्ध ठिकानों पर अपनी पैनी नजर रखनी शुरू कर दी। जैसे ही पुलिस को यह पक्की जानकारी मिली कि तस्कर इस अवैध खेप को ठिकाने लगाने के लिए किसी अन्य शहर में ले जाने की फिराक में हैं, पुलिस टीमों ने तुरंत हरकत में आते हुए एक सुनियोजित नाकाबंदी के दौरान दोनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान जब उनके पास मौजूद संदिग्ध बैग्स और वाहनों की गहनता से जांच की गई, तो उसमें से निकले हथियारों के जखीरे और पैकेट्स को देखकर पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए, क्योंकि इतनी बड़ी मात्रा में आधुनिक हथियारों का मिलना इस बात का प्रमाण था कि वे किसी बड़े गैंग के लिए काम कर रहे थे।
5 किलोग्राम हेरोइन और 15 अत्याधुनिक पिस्तौल की बरामदगी, सीमा पार बैठे आकाओं से जुड़े तार
पुलिस द्वारा की गई शुरुआती और कड़ी पूछताछ में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए दोनों आरोपी केवल छोटे स्तर के पैडलर नहीं हैं, बल्कि वे पाकिस्तान और विदेशों में बैठे प्रतिबंधित खालिस्तानी आतंकवादियों तथा बड़े ड्रग्स तस्करों के सीधे संपर्क में थे। सीमा पार से ड्रोन के जरिए भारतीय क्षेत्र में गिराई गई इस 5 किलो हेरोइन की खेप को देश के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई किया जाना था, ताकि उससे मिलने वाले काले धन के एक हिस्से का इस्तेमाल देश विरोधी गतिविधियों और हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए किया जा सके। इसके अलावा, बरामद किए गए 15 अत्याधुनिक विदेशी पिस्तौल इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि पंजाब और आसपास के राज्यों में टारगेट किलिंग, आपसी गैंगवार या किसी बड़ी सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने की खतरनाक साजिश रची जा रही थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन आरोपियों ने पिछले कुछ महीनों में इस तरह की कितनी खेप और किन-किन अपराधियों तक पहुंचाई है, जिसके लिए उनके मोबाइल फोन और कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं।
पंजाब में ऑर्गेनाइज्ड क्राइम और ड्रग्स के खिलाफ जारी है जीरो टॉलरेंस की नीति
पिछले कुछ समय से पंजाब पुलिस ने राज्य को अपराध-मुक्त और नशा-मुक्त बनाने के लिए 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपना रखी है, जिसके तहत लगातार इस तरह के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट्स की कमर तोड़ी जा रही है। अमृतसर में हुई इस बड़ी कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पुलिस की खुफिया इकाइयां कितनी मुस्तैदी से काम कर रही हैं और सीमावर्ती इलाकों में असामाजिक तत्वों के मंसूबों को किस प्रकार नाकाम किया जा रहा है। इस सफलता के बाद पुलिस विभाग द्वारा सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ (BSF) के साथ मिलकर सीमावर्ती बाड़ के पास के इलाकों में गश्त और सर्च ऑपरेशन को और अधिक तीव्र कर दिया गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके। स्थानीय नागरिकों ने भी पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इस प्रकार के सख्त कदमों से राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत होगी और युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले सौदागरों का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा।
अब आगे की जांच और फॉरेंसिक एनालिसिस के जरिए पूरे नेटवर्क का होगा मु मुकम्मल पर्दाफाश
गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों को स्थानीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जहां उनसे गहनता से पूछताछ की जा रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क के मूल तक पहुंचा जा सके। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी और भी कई बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है, क्योंकि पूछताछ के दौरान कई स्थानीय सहयोगियों और फाइनेंसरों के नाम सामने आए हैं जिन पर शिकंजा कसा जाना बाकी है। बरामद किए गए हथियारों और ड्रग्स के पैकेट्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता चल सके कि ये हथियार किस देश और फैक्ट्री में निर्मित किए गए थे। पंजाब पुलिस का यह संकल्प है कि जब तक इस अवैध नेटवर्क से जुड़े आखिरी मुजरिम को कानून के कटघरे में नहीं खड़ा कर दिया जाता, तब तक यह अभियान इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा, जिससे अपराधियों में खौफ का माहौल बना हुआ है।