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March 16 2026 08:03 pm

Punjab : बाबा साहेब के सपनों का पंजाब बना रही है मान सरकार,हरपाल चीमा ने गिनाईं उपलब्धियां, दलितों के लिए एलान

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News India Live, Digital Desk: कांशीराम जी की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर का विजन 'समानता और न्याय' पर आधारित था। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की वर्तमान सरकार न केवल नारों में, बल्कि अपनी नीतियों में भी इस विजन को प्राथमिकता दे रही है।

शासन में 'अंबेडकरवाद': चीमा ने गिनाए ये 3 बड़े कदम

शिक्षा में क्रांति (Schools of Eminence): चीमा ने कहा कि बाबा साहेब ने 'शिक्षित बनो' का संदेश दिया था। पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों को इतना आधुनिक बना दिया है कि अब साधारण परिवारों के बच्चे भी JEE और NEET जैसी परीक्षाओं में टॉप कर रहे हैं।

एडवोकेट जनरल कार्यालय में आरक्षण: उन्होंने इसे एक 'ऐतिहासिक कदम' बताते हुए कहा कि पंजाब देश का पहला राज्य बना जिसने एडवोकेट जनरल (AG) कार्यालय में अनुसूचित जाति (SC) के वकीलों के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया। यह वंचित वर्ग को सत्ता के शीर्ष कानूनी ढांचे में भागीदारी देने का प्रयास है।

वित्तीय सशक्तिकरण (Budget 2026): हाल ही में पेश बजट का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 'मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना' के तहत आम महिलाओं को ₹1000, जबकि अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह दिए जाएंगे।

लोक कल्याणकारी योजनाएं (Governance & Welfare)

हरपाल सिंह चीमा ने जोर देकर कहा कि सरकार की मुफ्त बिजली (600 यूनिट), मुफ्त इलाज और मुफ्त राशन जैसी योजनाएं सीधे तौर पर बाबा साहेब के 'कल्याणकारी राज्य' (Welfare State) की परिकल्पना से प्रेरित हैं:

मेरी रसोई योजना: करीब 40 लाख परिवारों को मुफ्त राशन किट का वितरण।

स्वास्थ्य सेवा: 65 लाख परिवारों को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज (मुख्यमंत्री सेहत योजना)।

विपक्ष पर निशाना

चीमा ने केंद्र सरकार और पुरानी सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा संविधान के संघीय ढांचे (Federal Structure) पर चोट कर रही है, जबकि 'आप' सरकार संविधान की मूल भावना की रक्षा के लिए लड़ रही है। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब की विचारधारा को केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं रखा जा सकता, उसे बजट और नीतियों में दिखना चाहिए।