पंजाब सरकार का एक्शन नाभा के बीडीपीओ पर गिरा ट्रांसफर का गाज, विभाग में मची खलबली

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News India Live, Digital Desk :  पंजाब में इन दिनों प्रशासनिक गलियारों में काफी हलचल देखने को मिल रही है। आए दिन अधिकारियों के तबादले (Transfers) और पोस्टिंग की खबरें आती रहती हैं। इसी बीच, पटियाला जिले की नाभा (Nabha) तहसील से एक अहम खबर सामने आई है जिसने स्थानीय प्रशासन और पंचायत विभाग में चर्चाओं का बाज़ार गर्म कर दिया है।

पंजाब सरकार ने एक नया आदेश जारी करते हुए नाभा के बीडीपीओ (Block Development and Panchayat Officer) का तबादला कर दिया है। यह खबर आते ही दफ्तर के कर्मचारियों से लेकर गाँव के सरपंचों तक में कानाफूसी शुरू हो गई है।

आइये, बिल्कुल आसान और देसी भाषा में समझते हैं कि आखिर मामला क्या है और नया आदेश क्या कहता है।

चंडीगढ़ से जारी हुआ आर्डर
सरकारी महकमे में कब किसकी कुर्सी इधर से उधर हो जाए, कहा नहीं जा सकता। ताज़ा जानकारी के मुताबिक़, पंजाब के ग्रामीण विकास और पंचायत विभाग (Rural Development and Panchayat Department) के मुख्यालय से यह आदेश जारी हुआ है।

आदेश में कहा गया है कि नाभा के मौजूदा बीडीपीओ को तत्काल प्रभाव से बदल दिया गया है। सरकारी भाषा में इसे अक्सर "प्रशासनिक कारण" (Administrative Grounds) बताया जाता है, लेकिन जब भी किसी अहम सीट पर बैठे अधिकारी का अचानक ट्रांसफर होता है, तो लोग इसके कई मतलब निकालने लगते हैं।

कामकाज पर क्या असर पड़ेगा?
दोस्तों, हम सब जानते हैं कि गाँवों के विकास के लिए बीडीपीओ का पद कितना महत्वपूर्ण होता है।

  • गाँव की नाली-खड़ंजे से लेकर मनरेगा (MGNREGA) तक के काम बीडीपीओ के साइन से ही आगे बढ़ते हैं।
  • सरपंचों के फंड जारी करना हो या पंचायत की जमीनों का मसला, यह अधिकारी धुरी की तरह काम करता है।

अब इस तबादले के बाद देखना होगा कि नाभा का चार्ज किसे दिया जाता है। क्या कोई नया अधिकारी आएगा या फिर पड़ोस के किसी ब्लॉक के अधिकारी को 'एडिशनल चार्ज' (अतिरिक्त प्रभार) देकर काम चलाया जाएगा?

क्या है चर्चा?
हालांकि, यह एक रूटीन प्रक्रिया भी हो सकती है, लेकिन नाभा राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय इलाका है। कुछ लोग कह रहे हैं कि काम में और तेजी लाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि लंबित पड़ी फाइलों का निपटारा जल्दी हो सके।

अब आगे क्या?
नए अधिकारी के आने का इंतज़ार अब नाभा के लोगों को है। उम्मीद है कि जो भी नया बीडीपीओ आएगा, वो नाभा ब्लॉक की समस्याओं को प्राथमिकता देगा और गाँवों के रुके हुए विकास कार्यों में रफ़्तार लाएगा।

तो दोस्तों, अगर आपके गाँव का भी कोई काम ब्लॉक में अटका हुआ है, तो अब आपको नए साहब का इंतज़ार करना पड़ सकता है!