Punjab Electricity : मान सरकार का बड़ा धमाका बिजली दरों में 1.5 की रिकॉर्ड कटौती, 90% घरों का बिल पहले ही जीरो, अब बाकी को भी बड़ी राहत
News India Live, Digital Desk: पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग (PSERC) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नया टैरिफ आदेश जारी कर दिया है। 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले इसे सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं पर करीब 8,000 करोड़ रुपये का वित्तीय बोझ कम होगा।
किस वर्ग को कितनी मिली राहत?
पंजाब सरकार के नए आदेश के अनुसार, अलग-अलग श्रेणियों में कटौती इस प्रकार है:
घरेलू उपभोक्ता (Domestic): बिजली दरों में अधिकतम 1.50 रुपये प्रति यूनिट की कमी की गई है। इसके साथ ही फिक्स चार्ज में भी 5 से 10 रुपये प्रति किलोवाट की कटौती की गई है।
व्यावसायिक प्रतिष्ठान (Commercial): दुकानों और शोरूम के लिए बिजली दरों में 65 पैसे से 79 पैसे प्रति यूनिट तक की कमी की गई है।
औद्योगिक इकाइयां (Industrial): उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए दरों में 74 पैसे प्रति यूनिट की कटौती की गई है। साथ ही 100 किलोवाट तक के लोड वाली इंडस्ट्री के फिक्स चार्ज भी कम किए गए हैं।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) चार्जिंग: ईवी को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों के लिए दर घटाकर 5 रुपये प्रति यूनिट कर दी गई है, जो देश में सबसे कम है।
300 यूनिट फ्री स्कीम जारी रहेगी
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया है कि राज्य में चल रही 300 यूनिट मुफ्त बिजली की योजना यथावत जारी रहेगी। वर्तमान में पंजाब के लगभग 90% परिवारों का बिजली बिल जीरो आ रहा है। यह नई कटौती उन उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत है जिनका उपभोग 300 यूनिट से अधिक है या जो व्यावसायिक श्रेणियों में आते हैं।
टैक्सपेयर्स के पैसे का सही इस्तेमाल
कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और सीएम मान ने कहा कि बिजली क्षेत्र में परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) और पछवाड़ा कोयला खदान के पुनरुद्धार से हुए मुनाफे को सीधे जनता तक पहुँचाया जा रहा है। सरकार का दावा है कि बिजली क्षेत्र अब घाटे से उबरकर 'सरप्लस' की स्थिति में पहुँच रहा है।