नोरा फतेही और संजय दत्त की बढ़ी मुश्किलें NCW ने थमाया अंतिम नोटिस, क्या अब होगी कानूनी कार्रवाई?
News India Live, Digital Desk: बॉलीवुड डांसर नोरा फतेही और दिग्गज अभिनेता संजय दत्त एक नए कानूनी संकट में घिरते नजर आ रहे हैं। उनके हालिया गाने 'सरके चुनर' (Sarke Chunar) के फिल्मांकन और बोलों को लेकर मचा बवाल अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की चौखट तक पहुँच गया है। आयोग ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए दोनों सितारों को 'अंतिम अवसर' (Final Chance) देते हुए नोटिस जारी किया है। यदि इस बार भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो आयोग पुलिसिया कार्रवाई या भारी जुर्माने की सिफारिश कर सकता है।
क्या है पूरा विवाद?
यह विवाद गाने के दृश्यों और उसके चित्रण (Portrayal) को लेकर है।
अश्लीलता का आरोप: कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकारों के लिए काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि गाने में महिलाओं का 'वस्तुकरण' (Objectification) किया गया है।
सांस्कृतिक अपमान: कुछ वर्गों का दावा है कि गाने के बोल और 'चुनर' जैसे शब्द का इस्तेमाल जिस तरह के डांस स्टेप्स के साथ किया गया है, वह भारतीय संस्कृति और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाता है।
NCW का 'फाइनल' अल्टीमेटम
इससे पहले भी महिला आयोग ने नोरा फतेही, संजय दत्त और गाने के मेकर्स को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक, सितारों की ओर से अब तक कोई ठोस जवाब दाखिल नहीं किया गया है।
अंतिम मौका: आयोग की अध्यक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आखिरी नोटिस है। यदि तय समय सीमा के भीतर जवाब नहीं आता, तो इसे कानून की अवमानना माना जाएगा।
जवाबदेही: आयोग जानना चाहता है कि क्या शूटिंग के दौरान सेंसर बोर्ड (CBFC) के नियमों का पालन किया गया और क्या इस तरह के कंटेंट से समाज में गलत संदेश नहीं जा रहा है?
नोरा और संजय की तरफ से चुप्पी
फिलहाल नोरा फतेही और संजय दत्त की लीगल टीम ने इस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। नोरा पहले भी अपने बोल्ड गानों और डांस नंबर्स को लेकर चर्चा और विवादों में रही हैं, लेकिन महिला आयोग का सीधा हस्तक्षेप मामले को गंभीर बना देता है। संजय दत्त, जो इस गाने में एक खास भूमिका में हैं, उनके लिए भी यह स्थिति असहज करने वाली है क्योंकि वे अपनी इमेज को लेकर काफी सतर्क रहते हैं।
क्या गाना हो जाएगा बैन?
कानूनी जानकारों का मानना है कि यदि आयोग की जांच में शिकायत सही पाई जाती है, तो वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से इस गाने को यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स से हटाने या इसमें बदलाव करने की सिफारिश कर सकता है। इससे पहले भी कई गानों को विरोध के बाद बदला जा चुका है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या नोरा और संजय आयोग के सामने पेश होंगे या लिखित में अपनी सफाई देंगे।