प्रियंका चोपड़ा ने सुनाया मां की बहादुरी का किस्सा जब कैब ड्राइवर ने की बदतमीजी, तो मां ने सरेआम पकड़ लिया था उसका कॉलर

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News India Live, Digital Desk : प्रियंका चोपड़ा अपनी मां के बहुत करीब हैं और उन्हें अपना 'रोल मॉडल' मानती हैं। एक हालिया इंटरव्यू के दौरान प्रियंका ने अपने बचपन और शुरुआती दिनों को याद करते हुए बताया कि उनकी मां ने उन्हें कभी किसी से डरना नहीं सिखाया। उन्होंने एक ऐसी घटना साझा की जिसने यह साबित कर दिया कि उनकी मां किसी 'सुपरहीरो' से कम नहीं हैं।

क्या थी पूरी घटना?

प्रियंका ने बताया कि यह वाकया उस समय का है जब वे और उनकी मां कहीं जा रही थीं। रास्ते में किसी बात को लेकर कैब ड्राइवर ने उनके साथ बदतमीजी की और ऊंची आवाज में बात करने लगा।

मां का रिएक्शन: ड्राइवर की बदतमीजी देखकर डॉ. मधु चोपड़ा चुप नहीं बैठीं। उन्होंने तुरंत ड्राइवर का कॉलर पकड़ लिया और उसे जमकर खरी-खोटी सुनाई।

सीख: प्रियंका कहती हैं कि उस पल ने उन्हें सिखाया कि चाहे आप अकेले हों या किसी भी स्थिति में, अगर आप सही हैं तो आपको अपनी आवाज उठाने और खुद की रक्षा करने से पीछे नहीं हटना चाहिए।

"मेरी मां मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं"

प्रियंका ने इस इंटरव्यू में कई और बातें भी साझा कीं:

परवरिश: प्रियंका के पिता अशोक चोपड़ा और मां मधु चोपड़ा दोनों ही आर्मी डॉक्टर थे, जिसकी वजह से उनके घर का माहौल काफी अनुशासित और सशक्त रहा।

सपोर्ट सिस्टम: जब प्रियंका मिस वर्ल्ड बनीं या जब उन्होंने हॉलीवुड जाने का फैसला किया, उनकी मां हमेशा उनके साथ एक ढाल की तरह खड़ी रहीं।

खुद की पहचान: डॉ. मधु चोपड़ा खुद एक सफल प्रोफेशनल हैं, और प्रियंका मानती हैं कि उनकी मां ने उन्हें 'इंडिपेंडेंट' (स्वतंत्र) होना सिखाया।

सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रिया

जैसे ही यह किस्सा सामने आया, सोशल मीडिया पर फैंस डॉ. मधु चोपड़ा की तारीफ करने लगे। यूजर्स का कहना है कि अब समझ आया कि प्रियंका चोपड़ा में इतनी हिम्मत और 'बॉस लेडी' वाला एटीट्यूड कहाँ से आता है।

"शेरनी की बेटी शेरनी ही होगी!" - एक यूजर की कमेंट