बिहार में पावर गेम शुरू नीतीश के मंत्री विजय चौधरी ने खोला नई सरकार का राज, NDA की बैठक में तय होगा महा-फॉर्मूला
News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में बड़े बदलाव की सुगबुगाहट के बीच नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और राज्य में नई सरकार के गठन की चर्चाओं के बीच विजय चौधरी ने स्पष्ट किया है कि बिहार में सत्ता के नए स्वरूप को लेकर एनडीए (NDA) के भीतर एक 'विशेष फॉर्मूला' तैयार किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि 10 अप्रैल को दिल्ली में होने वाली एनडीए की उच्चस्तरीय बैठक में इस फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लगेगी, जो बिहार के अगले कुछ वर्षों की राजनीतिक दिशा तय करेगा।
NDA की बैठक में सुलझेगी मुख्यमंत्री और मंत्रियों की गुत्थी
विजय चौधरी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गठबंधन के भीतर किसी भी तरह का कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने बताया, "बिहार के विकास को निरंतरता देने के लिए एनडीए के सभी घटक दल एकजुट हैं। 10 अप्रैल की बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक ठोस कार्ययोजना बनाने का मंच है। इसमें मुख्यमंत्री पद की शपथ से लेकर मंत्रियों की संख्या और विभागों के बंटवारे तक का पूरा रोडमैप साझा किया जाएगा।" चौधरी के इस बयान को भाजपा और जेडीयू के बीच चल रही 'पावर शेयरिंग' की खींचतान को खत्म करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
क्या होगा नया फॉर्मूला? जेडीयू को मिलेंगे अहम विभाग
सूत्रों के मुताबिक, नए फॉर्मूले के तहत यदि भाजपा का मुख्यमंत्री बनता है, तो जेडीयू को मंत्रिमंडल में अधिक हिस्सेदारी और महत्वपूर्ण विभाग मिल सकते हैं। विजय चौधरी ने इन अटकलों पर सीधा जवाब तो नहीं दिया, लेकिन उन्होंने इतना जरूर कहा कि "सम्मानजनक समझौता ही गठबंधन की ताकत है।" चर्चा है कि जेडीयू को दो डिप्टी सीएम पद दिए जा सकते हैं, जिनमें से एक नाम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी हो सकता है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
नीतीश कुमार की 'विदाई' से पहले सब कुछ 'सेट' करने की तैयारी
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 9 अप्रैल को अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यसभा सदस्य के रूप में नई पारी शुरू करेंगे। विजय चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि उनके दिल्ली जाने से पहले बिहार की कमान सुरक्षित और अनुभवी हाथों में हो। इसी सिलसिले में 8 अप्रैल को पटना में कैबिनेट की अंतिम बैठक और फिर 10 अप्रैल को दिल्ली में एनडीए के शीर्ष नेताओं के साथ मंथन होगा। विजय चौधरी का यह भरोसा दिलाना कि "सब कुछ नियंत्रण में है", उन विरोधियों को जवाब है जो बिहार में संवैधानिक संकट की बात कर रहे थे।